बीकानेर स्थित स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय के निदेशक अनुसंधान कार्यालय सभागार में शुक्रवार को कृषि विभाग की मासिक तकनीकी कार्यशाला एवं खंडीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अतिरिक्त निदेशक कृषि (विस्तार) Trilok Kumar Joshi ने की। यह बैठक हाइब्रिड मोड में हुई, जिसमें बीकानेर जोन-1सी, जैसलमेर और चूरू के अधिकारी ऑनलाइन तथा मुख्यालय के अधिकारी ऑफलाइन शामिल हुए।
बैठक में खरीफ मौसम की तैयारियों, बीज एवं उर्वरक वितरण, हरियालो राजस्थान, वंदे गंगा और विभिन्न विभागीय योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। तकनीकी सत्र में कृषि वैज्ञानिकों ने बाजरा, मूंग, उड़द और तिलहन फसलों की उन्नत खेती, बीजोपचार, पोषण प्रबंधन और कीट नियंत्रण पर पावर पॉइंट प्रस्तुति के माध्यम से जानकारी दी।
क्षेत्रीय अनुसंधान निदेशक डॉ. एस.आर. यादव की अध्यक्षता में हुए सत्र में वैज्ञानिकों ने कृषि और उद्यानिकी तकनीकों पर विस्तार से चर्चा की। वहीं विभिन्न जिलों के अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।
अतिरिक्त निदेशक जोशी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि फार्मर आईडी निर्माण कार्य को प्राथमिकता दी जाए और अधिक से अधिक किसानों को इससे जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि भविष्य में उर्वरक वितरण भी फार्मर आईडी से जुड़ा होगा। इसके साथ ही उन्होंने जैविक और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने, डीएपी के विकल्प के रूप में एसएसपी और यूरिया के उपयोग को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए।
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बैठक में उर्वरक, बीज और कीटनाशक नमूनों की गुणवत्ता जांच पर विशेष जोर दिया गया और अनियमितता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए। साथ ही “हरियालो राजस्थान” अभियान के तहत 58 हजार पौधरोपण लक्ष्य को शत-प्रतिशत पूरा करने और पौधों के संरक्षण पर भी जोर दिया गया।
