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Khabar21 > Blog > शिक्षा > NCERT के नए नियम और सिलेबस बदलाव: 2026 से छात्रों की पढ़ाई में बड़ा बदलाव
शिक्षा

NCERT के नए नियम और सिलेबस बदलाव: 2026 से छात्रों की पढ़ाई में बड़ा बदलाव

editor
editor Published December 7, 2025
Last updated: 2025/12/07 at 5:35 PM
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देश की शिक्षा व्यवस्था में नई शिक्षा नीति लागू होने के बाद अब स्कूलों में पढ़ाई का तरीका तेजी से बदल रहा है। एनसीईआरटी ने 2026 तक पूरे देश में नई किताबें, नया सिलेबस और नई शिक्षण प्रणाली लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसका उद्देश्य बच्चों को रटने वाली पढ़ाई से हटाकर अधिक व्यावहारिक, कौशलयुक्त और वास्तविक जीवन से जुड़ी शिक्षा देना है।

Contents
कौन-सी कक्षाओं में बदल रहा है सिलेबसइतिहास की किताबों में बड़े बदलावकौशल आधारित शिक्षा पर विशेष जोरनया ‘स्वदेशी मॉड्यूल’ऑपरेशन सिंदूर पर विशेष मॉड्यूलब्रिज प्रोग्राम और शिक्षक प्रशिक्षणइन बदलावों की जरूरत क्यों?FAQQ) एनसीईआरटी ने किन कक्षाओं में बदलाव किए हैं?Q) एनसीईआरटी में बदलाव क्यों किए जा रहे हैं?

कौन-सी कक्षाओं में बदल रहा है सिलेबस

एनसीईआरटी ने शैक्षणिक सत्र 2025–26 से कक्षा 4, 5, 7 और 8 की नई किताबें जारी की हैं। नई किताबें आसान भाषा में तैयार की गई हैं और इन्हें पूरी तरह नए ढांचे पर आधारित किया गया है। कई विषयों के नाम भी बदले गए हैं, जैसे—

कक्षा 5:

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  • वीणा (हिंदी)

  • संतूर (अंग्रेजी)

  • सितार (उर्दू)

कक्षा 8:

  • पूर्वी (अंग्रेजी)

  • मल्हार (हिंदी)

  • एक्सप्लोरिंग सोसाइटी (सामाजिक विज्ञान)

  • जिज्ञासा (विज्ञान)

  • कृति (कला शिक्षा)

  • कौशल बोध (व्यावसायिक शिक्षा)

  • ख्याल (उर्दू)

कक्षा 9 से 12 की नई किताबें 2026–27 से लागू की जाएंगी।

इतिहास की किताबों में बड़े बदलाव

नए सिलेबस में इतिहास विषय को काफी बदला गया है।

  • मुगल काल और दिल्ली सल्तनत से जुड़े कई अध्यायों का पुनर्गठन किया गया है।

  • अब इतिहास को अलग-अलग हिस्सों में बांटने के बजाय एक समग्र विषय के रूप में पढ़ाया जाएगा।

  • छात्रों को अब प्राचीन भारत, जनजातीय इतिहास, भारतीय वैज्ञानिकों के योगदान, संस्कृति और सभ्यताओं जैसे नए विषय पढ़ाए जाएंगे।

यह बदलाव छात्रों को वास्तविक जीवन और भारतीय ज्ञान परंपरा के करीब ले जाने के उद्देश्य से किए जा रहे हैं।

कौशल आधारित शिक्षा पर विशेष जोर

नई व्यवस्था के अनुसार कक्षा 6 से व्यावसायिक यानी स्किल-बेस्ड शिक्षा अनिवार्य की जा रही है।
बच्चों को अब—

  • प्रोजेक्ट आधारित सीखने

  • व्यावहारिक गतिविधियों

  • जीवन कौशल
    पर अधिक ध्यान देना होगा। यह मॉडल छात्रों को भविष्य के रोजगार और करियर के लिए बेहतर तैयार करेगा।

नया ‘स्वदेशी मॉड्यूल’

एनसीईआरटी ने ‘स्वदेशी’ नाम से एक नया हिस्सा जोड़ा है, जिसमें—

  • स्थानीय उत्पाद

  • आत्मनिर्भर भारत

  • मेक इन इंडिया
    से जुड़ा ज्ञान दिया जाएगा।
    इसका उद्देश्य बच्चों को स्थानीय उद्योगों, उत्पादों और सांस्कृतिक विरासत के बारे में जागरूक बनाना है।

ऑपरेशन सिंदूर पर विशेष मॉड्यूल

कक्षा 3 से 12 के लिए एनसीईआरटी ने ऑपरेशन सिंदूर पर दो नए मॉड्यूल शामिल किए हैं।
इनमें—

  • संयुक्त सैन्य अभियान

  • राष्ट्रीय सुरक्षा

  • पहलगाम आतंकी घटना के पीड़ितों को श्रद्धांजलि
    जैसे विषय शामिल हैं।

ब्रिज प्रोग्राम और शिक्षक प्रशिक्षण

नए और पुराने सिलेबस के बीच अंतर कम करने के लिए कक्षा 1, 3, 5, 6 और 8 के लिए ब्रिज कोर्स शुरू किए गए हैं।
इसके साथ ही—

  • शिक्षकों के लिए ऑनलाइन प्रशिक्षण

  • डिप्लोमा कोर्स
    भी शुरू किए गए हैं, ताकि नई किताबें और अध्यापन पद्धति आसानी से लागू हो सके।

इन बदलावों की जरूरत क्यों?

एनसीईआरटी का कहना है कि इन बदलावों का लक्ष्य बच्चों में—

  • विश्लेषण करने की क्षमता

  • सोचने की शक्ति

  • समस्या समाधान कौशल
    को बढ़ाना है।

नई शिक्षा व्यवस्था परीक्षा-केंद्रित पढ़ाई के बजाय ऐसी शिक्षा को महत्व देती है जो करियर और वास्तविक जीवन में उपयोगी हो।


FAQ

Q) एनसीईआरटी ने किन कक्षाओं में बदलाव किए हैं?

A)
एनसीईआरटी ने 2025–26 सत्र से कक्षा 4, 5, 7 और 8 की नई किताबें जारी की हैं।

Q) एनसीईआरटी में बदलाव क्यों किए जा रहे हैं?

A)
बदलाव का उद्देश्य बच्चों को रटने वाली पढ़ाई से हटाकर सोचने, समझने और व्यावहारिक ज्ञान पर आधारित शिक्षा देना है।


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editor December 7, 2025
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