रूल 20(3)(बी) क्या है? राहुल गांधी को चुनाव आयोग का नोटिस क्यों मिला?
कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा चुनाव आयोग पर ‘वोट चोरी’ के गंभीर आरोप लगाने के बाद आयोग ने जवाबी कदम उठाते हुए उन्हें नोटिस जारी किया है। कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने राहुल गांधी से मतदाता पंजीकरण नियम, 1960 के रूल 20(3)(बी) के तहत शपथ पत्र दाखिल करने की मांग की है।
चुनाव आयोग का कहना है कि अगर राहुल गांधी के पास फर्जी या अपात्र मतदाताओं से जुड़ा कोई प्रमाण है, तो उन्हें उसका पूरा ब्यौरा—नाम, पार्ट नंबर और सीरियल नंबर सहित—शपथ पत्र के रूप में प्रस्तुत करना होगा। ऐसा न करने पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
राहुल गांधी के आरोप
राहुल गांधी ने हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि कर्नाटक के महादेवपुरा और गांधीनगर विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां की गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि एक लाख से अधिक फर्जी मतदाताओं के नाम जोड़े गए और बड़ी संख्या में वैध मतदाताओं को सूची से हटाया गया, जिससे कांग्रेस को नुकसान हुआ। राहुल ने कहा कि उनकी पार्टी को राज्य में 16 लोकसभा सीटें मिलनी चाहिए थीं, लेकिन कथित धांधली के कारण सिर्फ 9 सीटें ही मिलीं। उन्होंने इसे ‘वोट चोरी’ करार दिया।
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चुनाव आयोग का पक्ष
आयोग ने राहुल गांधी के आरोपों को ‘भ्रामक’ और ‘तथ्यहीन’ बताया है। कर्नाटक के CEO ने अपने पत्र में लिखा, “आपने प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपात्र मतदाताओं को शामिल करने और पात्रों को हटाने की बात कही है। कृपया रूल 20(3)(बी) के तहत शपथ पत्र के साथ संबंधित मतदाताओं की जानकारी दें, ताकि सत्यापन और आवश्यक कार्रवाई की जा सके।” साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि अगर दावे गलत पाए गए, तो राहुल गांधी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
रूल 20(3)(बी) क्या है?
रूल 20(3)(बी) मतदाता पंजीकरण नियम, 1960 का एक प्रावधान है, जो मतदाता सूची में किसी नाम को जोड़ने, हटाने या उसमें संशोधन को लेकर आपत्तियों से संबंधित है। इस नियम के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति किसी नाम को सूची में शामिल या हटाने के खिलाफ आपत्ति दर्ज करना चाहता है, तो उसे शपथ पत्र के रूप में पूरी जानकारी देनी होती है—जैसे व्यक्ति का नाम, पता, मतदान केंद्र की जानकारी और शिकायत का आधार। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी आपत्तियां तथ्यात्मक, जांच योग्य और दस्तावेज़ी रूप से समर्थित हों।
अगर दी गई जानकारी गलत पाई जाती है, तो शिकायतकर्ता पर कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
राहुल गांधी की प्रतिक्रिया
राहुल गांधी ने आयोग के नोटिस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “मैं जो कह रहा हूं, वह सार्वजनिक रूप से कह रहा हूं—इसे ही शपथ पत्र मानिए। यह डेटा हमारा नहीं, बल्कि चुनाव आयोग का है।” उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि आयोग स्पष्ट रूप से यह क्यों नहीं कहता कि उनके दावे गलत हैं। राहुल ने दावा किया कि कर्नाटक में एक ही पते पर कई मतदाताओं के नाम दर्ज हैं और कुछ फर्जी पते भी शामिल किए गए हैं।
बीजेपी और चुनाव आयोग की सफाई
भारतीय जनता पार्टी ने राहुल गांधी के आरोपों को ‘राजनीतिक नाटक’ बताया है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी हार की हताशा में संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम कर रहे हैं। वहीं चुनाव आयोग ने बताया कि उसने नवंबर 2024 में ड्राफ्ट मतदाता सूची और जनवरी 2025 में अंतिम सूची सभी राजनीतिक दलों, including कांग्रेस, को भेजी थी। उस समय कोई भी औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी।
