उत्तर भारत में सक्रिय जेट स्ट्रीम की तेज हवाओं के कारण इस वर्ष मानसून की गति प्रभावित हुई है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, सामान्यतः 20 जून तक राजस्थान में प्रवेश करने वाला मानसून इस बार 1 जुलाई तक भी राज्य में नहीं पहुंच पाएगा। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) द्वारा जारी नवीनतम बुलेटिन में भी 1 जुलाई तक मानसून की संभावित प्रगति में राजस्थान का उल्लेख नहीं किया गया है।
हालांकि देशभर में मानसून की स्थिति को लेकर परिस्थितियां अनुकूल बताई जा रही हैं, लेकिन राजस्थान में इसकी सक्रियता अपेक्षाकृत कमजोर रहने की आशंका जताई जा रही है। दूसरी ओर, राज्य में प्री-मानसून गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। पिछले 24 घंटों के दौरान पूर्वी राजस्थान के कई क्षेत्रों में मेघगर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जबकि कुछ स्थानों पर भारी वर्षा भी हुई। उदयपुर जिले के सराड़ा में सर्वाधिक 95 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा डबोक में 42 मिमी, चित्तौड़गढ़ में 38.5 मिमी, चूरू में 43.8 मिमी, पिलानी में 15 मिमी और झुंझुनूं में 11.5 मिमी वर्षा हुई।
मौसम विभाग ने 19 जून के लिए प्रदेश के 35 जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी, मेघगर्जन, वज्रपात और बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं येलो अलर्ट वाले क्षेत्रों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने के साथ बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है।
