राजस्थान सरकार ने बजट वर्ष 2026-27 की घोषणा के तहत प्रदेश के 2,500 दिव्यांग युवाओं को स्कूटी उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। इस योजना का उद्देश्य शिक्षा और रोजगार से जुड़े विशेष योग्यजनों को बेहतर आवागमन सुविधा प्रदान करना है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने इसके लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसकी अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के संयुक्त निदेशक एल.डी. पंवार ने बताया कि योजना के तहत नियमित अध्ययनरत और रोजगाररत दिव्यांग युवाओं को प्राथमिकता के आधार पर स्कूटी वितरित की जाएगी। पात्र अभ्यर्थी ई-मित्र कियोस्क या एसएसओ पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया ‘एसजेएमएस-डीएसएपी (सीएम स्कूटी योजना)’ आइकन के जरिए पूरी की जाएगी।
इन आवेदकों को मिलेगी प्राथमिकता
योजना के तहत ऐसे विशेष योग्यजन पात्र होंगे जो 40 प्रतिशत या उससे अधिक चलन नि:शक्तता (लोकोमोटर डिसएबिलिटी) से ग्रसित हैं और किसी विश्वविद्यालय से संबद्ध राजकीय या मान्यता प्राप्त महाविद्यालय में नियमित अध्ययन कर रहे हैं। इसके अलावा रोजगाररत दिव्यांग युवाओं में राष्ट्रीय युवा नीति-2014 के अनुसार 18 से 29 वर्ष आयु वर्ग के आवेदकों को पहली प्राथमिकता दी जाएगी।
विभाग के अनुसार यदि निर्धारित संख्या के बाद भी स्कूटियां उपलब्ध रहती हैं तो विभागीय अनुमति से अधिकतम 45 वर्ष तक के अन्य पात्र विशेष योग्यजनों को भी दूसरी वरीयता के आधार पर योजना का लाभ दिया जा सकेगा।
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चयन प्रक्रिया कैसे होगी
ऑनलाइन प्राप्त आवेदनों की जांच और चयन जिला कलक्टर अथवा उनके द्वारा नामित प्रतिनिधि की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा किया जाएगा। पात्रता और दस्तावेजों की पुष्टि के बाद चयनित लाभार्थियों को स्कूटी प्रदान की जाएगी।
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
योजना में आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को निम्न दस्तावेज संलग्न करने होंगे:
- 40 प्रतिशत या अधिक चलन नि:शक्तता प्रमाण पत्र
- राजस्थान का मूल निवास प्रमाण पत्र
- आधार कार्ड
- जन आधार कार्ड
- जन्म प्रमाण पत्र या दसवीं की अंकतालिका
- पेंशन भुगतान आदेश (यदि लागू हो)
- अन्य पहचान संबंधी दस्तावेज
- वैध ड्राइविंग लाइसेंस की स्वप्रमाणित प्रति
- दिव्यांगता प्रदर्शित करती पासपोर्ट आकार की फोटो
विद्यार्थियों और रोजगाररत युवाओं के लिए अलग नियम
नियमित अध्ययनरत विद्यार्थियों को अपने महाविद्यालय के प्राचार्य या संस्था प्रधान द्वारा जारी अध्ययनरत प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। यह प्रमाण पत्र आवेदन तिथि से एक माह से अधिक पुराना नहीं होना चाहिए।
वहीं रोजगाररत आवेदकों को अपने नियोक्ता द्वारा जारी प्रमाण पत्र अथवा स्वयं का शपथ पत्र जमा करना होगा।
आठ वर्षों में लाभ लेने वालों को नहीं मिलेगा फायदा
आवेदक को यह शपथ पत्र भी देना होगा कि उसने पिछले आठ वर्षों में केंद्र या राज्य सरकार की किसी योजना के तहत मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल अथवा स्कूटी प्राप्त नहीं की है। यह शर्त योजना के लाभ को अधिक पात्र दिव्यांगजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से लागू की गई है।
यहां से मिलेगी अधिक जानकारी
योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के रानी बाजार स्थित चौपड़ा कटला परिसर कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है। इसके अलावा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर भी आवेदन प्रक्रिया और पात्रता संबंधी दिशा-निर्देश उपलब्ध हैं।
