जयपुर।
राज्य सरकार ने नगरीय निकाय चुनाव से पहले आमजन को बड़ी राहत देते हुए प्रदेशभर में शहरी सेवा शिविर-2026 आयोजित करने का निर्णय लिया है। यह अभियान 12 जून से 15 जुलाई तक चलेगा और सभी नगर निगमों, नगर परिषदों, नगर पालिकाओं, विकास प्राधिकरणों, नगर सुधार न्यासों एवं हाउसिंग बोर्ड क्षेत्रों में संचालित किया जाएगा।
इस अभियान के तहत लंबित मामलों का मौके पर निस्तारण किया जाएगा तथा नागरिकों को एक ही स्थान पर विभिन्न शहरी सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। सरकार ने इस बार पट्टा वितरण, नामांतरण, उप-विभाजन, पुनर्गठन, भू-उपयोग परिवर्तन और फ्री-होल्ड जैसे मामलों में प्रक्रियाओं को सरल बनाते हुए राहत प्रदान की है।
विशेष प्रावधानों के तहत अब कृषि भूमि पर 31 दिसंबर 2021 तक विकसित कॉलोनियों का नियमन किया जाएगा, जबकि सरकारी भूमि पर 1 जनवरी 2013 तक बसी कॉलोनियों को भी नियमित करने का मार्ग प्रशस्त किया गया है। डीनोटिफाइड कच्ची बस्तियों के निवासियों को भी पट्टा जारी करने का प्रावधान किया गया है।
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सरकार ने आर्थिक राहत देते हुए 200 वर्गमीटर तक के भूखंडों पर पट्टा 100 रुपये प्रति वर्गमीटर तथा 200 से 500 वर्गमीटर तक 120 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से निर्धारित किया है। इसके अलावा पुराने बिजली-पानी बिल और बिना रजिस्ट्री वाले पुराने इकरारनामों के आधार पर भी पात्र लोगों को लाभ दिया जाएगा।
शुल्क और प्रीमियम में भी व्यापक छूट दी गई है, जिसके तहत स्टाम्प शुल्क एवं अतिरिक्त प्रीमियम में 100 प्रतिशत तक राहत, पुरानी लीज राशि पर ब्याज में पूर्ण छूट तथा नामांतरण, भू-उपयोग परिवर्तन और अन्य शुल्कों में 25 से 75 प्रतिशत तक छूट का प्रावधान किया गया है।
शिविरों में जन्म-मृत्यु एवं विवाह पंजीकरण, फायर एनओसी, ट्रेड लाइसेंस, सीवर कनेक्शन, भवन निर्माण स्वीकृति, ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र सहित विभिन्न सेवाओं का मौके पर निस्तारण किया जाएगा। साथ ही सामाजिक सुरक्षा योजनाओं और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के आवेदन भी स्वीकार किए जाएंगे।
इन शिविरों में अधिकांश सेवाओं के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया अपनाई जाएगी, जबकि आवश्यक होने पर ऑफलाइन आवेदनों को भी ऑनलाइन दर्ज कर निस्तारण किया जाएगा। प्रत्येक शिविर में हेल्प डेस्क, ई-मित्र, नोटरी, स्टाम्प वेंडर और डीड राइटर जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे आमजन को एक ही स्थान पर समग्र सेवाएं मिल सकें।
