पश्चिम बंगाल के सोनारपुर में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के काफिले पर हुए हमले के बाद राज्य की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। घटना के बाद TMC और भारतीय जनता पार्टी (BJP) एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रही हैं, जबकि पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
सोनारपुर में काफिले पर हुआ हमला
जानकारी के अनुसार, अभिषेक बनर्जी सोनारपुर क्षेत्र में चुनाव बाद हुई हिंसा में जान गंवाने वाले एक पार्टी कार्यकर्ता के परिवार से मिलने जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में उनके काफिले को कुछ लोगों ने घेर लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, काफिले पर अंडे और पत्थर फेंके गए तथा विरोध में नारेबाजी भी की गई।
स्थिति बिगड़ते देख सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत अभिषेक बनर्जी को सुरक्षा घेरे में लिया। बताया जा रहा है कि संभावित खतरे को देखते हुए उन्हें वाहन के अंदर हेलमेट पहनना पड़ा ताकि किसी भी गंभीर चोट से बचा जा सके।
TMC ने BJP पर लगाया साजिश का आरोप
घटना के तुरंत बाद TMC ने इसे भाजपा की पूर्व नियोजित साजिश बताया। पार्टी ने सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें और वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि भाजपा के एक स्थानीय मंडल अध्यक्ष कथित तौर पर घटनास्थल पर मौजूद थे और भीड़ को उकसाने का काम कर रहे थे।
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TMC नेताओं का कहना है कि यह कोई स्वतःस्फूर्त विरोध प्रदर्शन नहीं था, बल्कि राजनीतिक रूप से प्रेरित हमला था। पार्टी ने आरोप लगाया कि अभिषेक बनर्जी को निशाना बनाकर डराने और नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई।
अभिषेक बनर्जी का बड़ा आरोप
घटना के बाद अभिषेक बनर्जी ने भी भाजपा कार्यकर्ताओं पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कुछ लोग उन्हें नुकसान पहुंचाने की नीयत से हमला कर रहे थे। उनके बयान के बाद यह मामला और अधिक राजनीतिक रंग लेता दिखाई दिया।
BJP ने आरोपों को किया खारिज
भाजपा ने TMC के सभी आरोपों को सिरे से नकार दिया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि इस घटना का भाजपा से कोई संबंध नहीं है। भाजपा आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने दावा किया कि पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए कुछ लोग कथित तौर पर TMC के स्थानीय नेताओं के करीबी बताए जा रहे हैं।
भाजपा का आरोप है कि यह घटना TMC के अंदरूनी गुटीय संघर्ष का परिणाम हो सकती है। पार्टी नेताओं ने कहा कि सच्चाई जांच के बाद ही सामने आएगी और भाजपा को बेवजह निशाना बनाया जा रहा है।
पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेकर दर्ज किया मामला
घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने तेजी से कार्रवाई शुरू की। वीडियो फुटेज, सीसीटीवी रिकॉर्डिंग और अन्य साक्ष्यों के आधार पर कई संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने विभिन्न इलाकों में छापेमारी भी की है।
इस मामले की खास बात यह रही कि घटना के कई घंटे बाद तक न तो अभिषेक बनर्जी की ओर से और न ही TMC की तरफ से कोई औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई थी। इसके बावजूद मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेकर केस दर्ज किया और जांच शुरू कर दी।
इलाके में बढ़ाई गई सुरक्षा
हमले के बाद सोनारपुर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
राजनीतिक माहौल हुआ गर्म
अभिषेक बनर्जी के काफिले पर हमले के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में तनाव बढ़ गया है। एक तरफ TMC इसे भाजपा की साजिश बता रही है, वहीं भाजपा इसे सत्तारूढ़ दल की आंतरिक कलह का नतीजा बता रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना के पीछे वास्तविक कारण क्या था, लेकिन फिलहाल इस मुद्दे ने राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।
