देशभर में होने वाली केंद्रीय भर्तियों को और अधिक पारदर्शी व प्रभावी बनाने के लिए Staff Selection Commission ने बड़ा बदलाव किया है। आयोग ने रिक्त पदों को अधिकतम भरने के उद्देश्य से ‘स्लाइडिंग मैकेनिज्म’ लागू करने का निर्णय लिया है। इस नई प्रणाली के तहत “फिक्स” और “फ्लोट” विकल्प के जरिए उम्मीदवारों को बेहतर अवसर मिलेगा और खाली रह जाने वाली सीटों की संख्या कम होगी।
क्यों जरूरी था नया सिस्टम
हर वर्ष एसएससी की परीक्षाओं में अंतिम चरण के दौरान कुछ अभ्यर्थी अनुपस्थित रह जाते हैं या दस्तावेज सत्यापन पूरा नहीं करते। इसके कारण कई पद रिक्त रह जाते हैं। आयोग का मानना है कि नई व्यवस्था से इन खाली पदों को मेरिट और वरीयता के आधार पर भरा जा सकेगा।
यह व्यवस्था विशेष रूप से एसएससी भर्ती परीक्षा 2026 से प्रभावी होगी। अंतिम परिणाम तैयार करते समय चौथे चरण में अनुपस्थित रहने वाले अभ्यर्थियों से उत्पन्न रिक्तियों को ध्यान में रखा जाएगा।
पहला आवंटन कैसे होगा
नई प्रक्रिया के तहत उम्मीदवारों द्वारा भरी गई वरीयताओं के आधार पर पहला अस्थायी आवंटन किया जाएगा। चयनित अभ्यर्थियों को अपने क्षेत्रीय निदेशक कार्यालय में जाकर आधार आधारित पहचान सत्यापन कराना होगा।
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सत्यापन के बाद ही आवंटन की पुष्टि की जाएगी।
फिक्स और फ्लोट विकल्प का मतलब
नई प्रणाली का मुख्य आधार दो विकल्प हैं:
फिक्स (Fix):
यदि उम्मीदवार को मिला पद स्वीकार्य है और वह भविष्य में किसी अपग्रेड का इच्छुक नहीं है, तो वह फिक्स विकल्प चुन सकता है। इसके बाद उसका आवंटन अंतिम माना जाएगा।
फ्लोट (Float):
यदि कोई उम्मीदवार भविष्य में अपनी उच्च वरीयता वाले पद के लिए अवसर चाहता है, तो वह फ्लोट विकल्प चुन सकता है। ऐसे में यदि बाद में कोई उच्च पद खाली होता है तो मेरिट के आधार पर अपग्रेड पर विचार किया जाएगा।
हर परीक्षा चक्र में केवल एक बार ही स्लाइडिंग प्रक्रिया लागू होगी। किसी प्रकार की वेटिंग लिस्ट जारी नहीं की जाएगी।
अनुपस्थिति से खाली पदों की पहचान
चौथे चरण में जो अभ्यर्थी निर्धारित समय पर उपस्थित नहीं होंगे, उन्हें अनुपस्थित मान लिया जाएगा। उनके कारण खाली हुई सीटों को फ्लोट विकल्प चुनने वाले उम्मीदवारों के बीच पुनः आवंटित किया जाएगा। इसके बाद संशोधित अंतिम परिणाम जारी किया जाएगा।
समय सीमा का पालन अनिवार्य
पहले चरण में चयनित उम्मीदवारों को लगभग 10 दिन का समय दिया जाएगा, जिसमें उन्हें आधार सत्यापन और फिक्स/फ्लोट विकल्प का चयन करना होगा। तय समय सीमा में प्रक्रिया पूरी न करने पर अभ्यर्थी को अनुपस्थित मान लिया जाएगा और बाद में कोई दावा स्वीकार नहीं होगा।
उम्मीदवारों के लिए कितना फायदेमंद
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम अभ्यर्थी हित में है। इससे मेरिट के अनुसार अधिकतम पद भरे जा सकेंगे और योग्य उम्मीदवारों को बेहतर विकल्प मिल पाएंगे।
एसएससी की यह पहल केंद्रीय भर्ती प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और परिणामोन्मुख बनाने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।
