स्कूटी योजना अपडेट: कौन बनेगा पहली सूची में शामिल, किसे मिलेगा इंतजार
राजस्थान सरकार की कालीबाई भील और देवनारायण स्कूटी योजना एक बार फिर चर्चा में है। सत्र 2023-24 के तहत मिलने वाली स्कूटियों में महीनों से चल रही देरी अब आधिकारिक रूप से वितरण तिथि घोषित होने के बाद भी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। सरकार ने अपने दो वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 18 दिसंबर को स्कूटी वितरण का कार्यक्रम तय किया है, लेकिन यह समारोह सभी छात्राओं के इंतजार को समाप्त नहीं कर पाएगा।
सिर्फ 17 प्रतिशत छात्राओं को मिलेगा स्कूटियों का पहला चरण
जिले में लगभग 600 पात्र छात्राएं स्कूटी का इंतजार कर रही हैं। लेकिन नोडल स्तर पर इस समारोह के लिए सिर्फ 100 स्कूटियों का बजट और लक्ष्य तय किया गया है।
यानी लगभग 500 छात्राओं को आगे भी प्रतीक्षा की सूची में रहना होगा।
सत्र 2023-24 की स्कूटियों का लंबा अटकाव इस बात का संकेत है कि 2024-25 में स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण हो सकती है।
सरकारी योजनाओं की धीमी गति उजागर
स्कूटी योजना के साथ ही छात्रवृत्ति, साइकिल, यूनिफॉर्म और अन्य शिक्षा-संबंधी सरकारी योजनाओं का भी निष्पादन धीमा चल रहा है।
इससे सरकारी संस्थानों में पढ़ने वाली छात्राओं का उत्साह प्रभावित हो रहा है, जबकि योजनाओं का उद्देश्य उन्हें प्रोत्साहित करना है।
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पहली सूची में शामिल कौन होगा
हरिदेव जोशी कन्या महाविद्यालय, जो नोडल संस्था है, के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि 600 में से 100 छात्राओं का चयन कैसे किया जाए।
इसके लिए एक स्पष्ट आधार तय किया गया है:
जिस छात्रा ने समय पर सभी आवश्यक प्रमाण-पत्र जमा कर दिए, उसे सूची में प्राथमिकता दी जाएगी।
इसी मानक के आधार पर अंतिम सूची तैयार की जा रही है।
लंबे इंतजार में धूल खाती रहीं स्कूटियां
स्टोर में महीनों तक खड़ी रहने से कई स्कूटियों पर धूल जम गई थी। अब वितरण तिथि तय होने के बाद उनकी सफाई, निरीक्षण और नंबर अंकन का काम तेज गति से चल रहा है।
कर्मचारियों के अनुसार, जल्द ही 100 स्कूटियां समारोह के लिए पूरी तरह तैयार होंगी।
लक्ष्य बढ़ाया गया था, लेकिन समय पर वितरण नहीं
सरकार ने वर्ष 2023-24 में स्कूटी संख्या 20 हजार से बढ़ाकर 30 हजार कर दी थी।
लेकिन वितरण में देरी के कारण योजना का वास्तविक उद्देश्य, यानी प्रतिभाशाली छात्राओं को त्वरित प्रोत्साहन देना, कहीं न कहीं प्रभावित हुआ है।
छात्राओं में उत्साह भी, चिंता भी
समारोह की घोषणा ने छात्राओं में एक नई उम्मीद जगाई है।
100 चयनित छात्राएं इस अवसर को किसी उत्सव की तरह देख रही हैं, जबकि बाकी छात्राओं के लिए यह इंतजार का एक और दौर है।
नोडल प्राचार्य का बयान
नोडल प्राचार्य प्रो. सरला पंड्या के अनुसार:
लगभग 600 स्कूटियों का वितरण लंबित है और फिलहाल 100 छात्राओं को स्कूटी देने का लक्ष्य मिला है।
जिन छात्राओं ने समय पर दस्तावेज जमा करवाए हैं, उन्हें पहले लाभ दिया जाएगा।
उच्च स्तर से निर्देश मिलते ही शेष छात्राओं की सूची पर भी कार्यवाही की जाएगी।
निष्कर्ष
18 दिसंबर को होने वाला स्कूटी वितरण कार्यक्रम भले ही सरकारी उपलब्धि के रूप में पेश किया जा रहा है, लेकिन वास्तविकता यह है कि अधिकांश छात्राओं का इंतजार अभी समाप्त नहीं हुआ है। योजना का दायरा बढ़ाया जरूर गया, लेकिन धीमी प्रक्रिया के चलते लाभार्थियों तक समय पर संसाधन नहीं पहुंच पा रहे हैं।
आगामी महीनों में सरकार और नोडल संस्थाओं की कार्यप्रणाली यह तय करेगी कि बाकी 500 छात्राओं को उनका अधिकार कब तक मिल सकेगा।


