जयपुर। राजस्थान में सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए परिवहन विभाग ने ड्राइविंग लाइसेंस बहाली की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। अब गंभीर यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर निलंबित (सस्पेंड) किए गए ड्राइविंग लाइसेंस स्वतः बहाल नहीं होंगे। लाइसेंस को केंद्रीय ‘सारथी’ पोर्टल पर ब्लैकलिस्ट किया जाएगा और उसे दोबारा सक्रिय कराने के लिए चालक को अनिवार्य रिफ्रेशर ट्रेनिंग पूरी करनी होगी।
ट्रेनिंग पूरी होने के बाद उसका प्रमाणपत्र पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा, जिसके सत्यापन के बाद ही संबंधित अधिकारी लाइसेंस बहाल करेंगे। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य नियम तोड़ने वाले चालकों को सुरक्षित ड्राइविंग के प्रति जागरूक बनाना और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना है।
हालांकि, राजस्थान में अभी तक इस प्रशिक्षण के लिए अधिकृत केंद्र विकसित नहीं किए गए हैं। परिवहन विभाग जल्द ही ऐसे ट्रेनिंग सेंटर शुरू करने और ऑनलाइन पंजीकरण जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की तैयारी कर रहा है। विभाग का कहना है कि यह व्यवस्था केवल दंड देने के लिए नहीं, बल्कि जिम्मेदार और सुरक्षित वाहन संचालन की आदत विकसित करने के लिए लागू की जा रही है।
