बीकानेर रेल मंडल ने समपार फाटकों पर बढ़ते जोखिम को देखते हुए सुरक्षित रेल संचालन के लिए विशेष जागरूकता अभियान शुरू किया है। मंडल प्रशासन लोगों और वाहन चालकों से अपील कर रहा है कि कुछ क्षणों की जल्दबाजी के कारण अपनी जान जोखिम में न डालें और बंद रेलवे फाटक को पार करने का प्रयास बिल्कुल न करें।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक ने बताया कि रेल यात्रियों और आम नागरिकों को समपार फाटकों से सुरक्षित आवागमन के नियमों की नियमित जानकारी दी जा रही है। लोगों को समझाया जा रहा है कि फाटक बंद होने पर बैरियर के नीचे से पैदल, दोपहिया या किसी अन्य वाहन के साथ निकलने की कोशिश न करें। रेलगाड़ी के पूरी तरह गुजरने और गेटमैन द्वारा फाटक खोले जाने के बाद ही रेलवे ट्रैक पार करें।
रेलवे प्रशासन के अनुसार सभी समपार फाटकों पर सुरक्षा संबंधी निर्देश और रेलवे अधिनियम, 1989 के प्रावधान स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किए गए हैं। बंद फाटक पार करना न केवल जानलेवा साबित हो सकता है, बल्कि यह कानूनन दंडनीय अपराध भी है। ऐसे मामलों में नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
रेल मंडल ने नागरिकों से सुरक्षा नियमों का पालन करने और कुछ मिनटों का धैर्य रखकर स्वयं तथा दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि सुरक्षित रेल संचालन तभी संभव है, जब रेलवे और आमजन दोनों मिलकर सुरक्षा मानकों का पालन करें।
