बीकानेर। शहर के सबसे महत्वपूर्ण और वीआईपी इलाकों में शुमार जिला कलेक्टर कार्यालय के पीछे, कोर्ट गेट और गवर्नमेंट प्रेस रोड पर इन दिनों ‘दीये तले अंधेरा’ वाली कहावत पूरी तरह सच साबित हो रही है। इस मुख्य मार्ग पर जगह-जगह गंदगी के ढेर और जलजमाव ने आमजन का जीना मुहाल कर दिया है।
आला अधिकारियों के रूट पर बदहाली हैरानी की बात यह है कि इस रास्ते से जिले के प्रशासनिक अधिकारियों का रोजाना आना-जाना होता है। यही नहीं, भाजपा के पूर्व शहर अध्यक्ष का आवास भी इसी मार्ग पर स्थित है। इतने महत्वपूर्ण वीआईपी क्षेत्र में शामिल होने के बावजूद इस सड़क की सुध लेने वाला कोई नहीं है, जिससे व्यवस्थाओं पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं।
शिकायतों के बाद भी निगम मौन
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बीमारी का खतरा: स्थानीय निवासियों और राहगीरों का कहना है कि लगातार जमा हो रहे कचरे और गंदे पानी के कारण पूरे इलाके में असहनीय बदबू फैली हुई है। इससे संक्रामक बीमारियां फैलने का डर सता रहा है।
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सुस्त रवैया: स्थानीय लोगों ने नगर निगम को कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें दी हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
स्वच्छ भारत मिशन को लग रहा बट्टा एक तरफ जहां प्रधानमंत्री स्वच्छ भारत मिशन के जरिए देश को साफ-सुथरा बनाने का संदेश दे रहे हैं, वहीं बीकानेर के इस पॉश इलाके की जमीनी हकीकत दावों की पोल खोल रही है। स्थानीय जनता ने जिला प्रशासन और नगर निगम से मांग की है कि इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए तत्काल सफाई करवाई जाए और इसका कोई स्थायी समाधान निकाला जाए।
