बीकानेर। विप्र सेना राजस्थान की प्रदेश कोर कमेटी एवं संभाग स्तरीय प्रमुख पदाधिकारियों की संगठनात्मक बैठक जयपुर में आयोजित हुई। स्थापना के पांच वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित इस चिंतन-सत्र में संगठन के विस्तार, सेवा कार्यों और आगामी गतिविधियों को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। प्रदेशभर से आए पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने बैठक में भाग लेकर भविष्य की कार्ययोजना पर विचार-विमर्श किया।
जयपुर से लौटने के बाद बीकानेर में मीडिया से बातचीत करते हुए विप्र सेना की राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. मेघना शर्मा ने बताया कि संगठन आगामी समय में विप्र सेना ऐप के माध्यम से देशव्यापी डिजिटल सदस्यता अभियान शुरू करेगा। इसका उद्देश्य संगठन की विचारधारा को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना और युवाओं की भागीदारी बढ़ाना है।
उन्होंने बताया कि संगठन द्वारा वार्षिक कैलेंडर जारी करने की पहल का भी स्वागत किया गया। इसके तहत आगामी समय में प्रदेश युवा अधिवेशन, महिला अधिवेशन, प्रदेश वरिष्ठ चिंतन अधिवेशन, ब्रह्म चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज़ का प्रदेश अधिवेशन तथा संभाग स्तरीय विप्र जागृति रथ यात्रा सहित कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
बैठक में कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष दिनेश दादिया ने संगठन के पुनर्गठन, संविधान निर्माण, प्रशिक्षण व्यवस्था और सेवा आधारित कार्यक्रमों की विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत की। उन्होंने संगठन को अधिक सशक्त और सक्रिय बनाने के लिए सभी पदाधिकारियों से समन्वय के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
- Advertisement -
राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सर्वेश शरण जोशी ने विप्र हेल्थ केयर फेडरेशन ऑफ इंडिया के विस्तार और चिकित्सा सेवा से जुड़े विभिन्न प्रकल्पों की जानकारी साझा करते हुए समाज सेवा के क्षेत्र में संगठन की आगामी योजनाओं पर प्रकाश डाला।
समापन सत्र में विप्र सेना के राष्ट्रीय प्रमुख सुनील तिवाड़ी ने कहा कि सेवा, संस्कार, संगठन और सामाजिक नेतृत्व ही संगठन की मूल पहचान हैं। उन्होंने इन मूल्यों को आगे बढ़ाते हुए समाज हित में निरंतर कार्य करने का आह्वान किया।
महिला प्रकोष्ठ के विशेष सत्र में डॉ. मेघना शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष पूनम आचार्य, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मधु शर्मा, प्रियंका शर्मा, पुष्पा वशिष्ठ और ज्योति आशीर्वाद ने महिलाओं की सामाजिक भागीदारी, नेतृत्व क्षमता और समाज निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका पर अपने विचार रखे।
बैठक में बीकानेर से इंद्र कुमार शर्मा, पवन सारस्वत और धर्मेंद्र सारस्वत सहित कई पदाधिकारियों ने भी सहभागिता निभाई। संगठन ने आगामी कार्यक्रमों को सफल बनाने के लिए प्रदेशभर में व्यापक जनसंपर्क और सदस्यता अभियान चलाने का निर्णय लिया।
