बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। इस प्रकरण में शुक्रवार को एक और महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया, जब गंभीर रूप से बीमार इमरती देवी को बेहतर उपचार के लिए जोधपुर एम्स रेफर कर दिया गया। वहीं दूसरी ओर कमला की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है और उनका इलाज वेंटिलेटर सपोर्ट पर जारी है।
जानकारी के अनुसार, सिजेरियन डिलीवरी के बाद इमरती देवी की किडनी प्रभावित हो गई थी। उन्हें पीबीएम अस्पताल के मेडिसिन आईसीयू में भर्ती कर उपचार शुरू किया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनका क्रिएटिनिन स्तर लगातार बढ़ता गया। स्थिति को देखते हुए शुक्रवार को जोधपुर एम्स के विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श लिया गया, जिसके बाद उन्हें उच्च स्तरीय उपचार के लिए रेफर करने का निर्णय लिया गया।
वहीं कमला की हालत में अब तक कोई विशेष सुधार नहीं हुआ है। वह पिछले कई दिनों से वेंटिलेटर पर भर्ती हैं और चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज जारी है।
गौरतलब है कि पीबीएम अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद कुल छह प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ गई थी। सभी में किडनी संबंधी गंभीर जटिलताएं सामने आई थीं। इनमें सूरतगढ़ निवासी प्रीति और बीकानेर के रामपुरा बस्ती निवासी शारदा नायक की उपचार के दौरान मौत हो चुकी है। इमरती देवी को अब जोधपुर भेजा गया है, जबकि कमला सहित अन्य मरीजों का उपचार पीबीएम अस्पताल में जारी है।
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इस पूरे मामले ने पीबीएम अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था और उपचार प्रक्रिया पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले की जांच जारी है। वहीं पीड़ित परिवारों के साथ विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं में आवश्यक सुधार की मांग तेज कर दी है।
