राजस्थान दौरे पर आ रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार, 4 जुलाई को बाड़मेर जिले के पचपदरा में आयोजित रिफाइनरी लोकार्पण समारोह में शामिल होंगे। इस दौरान वे प्रदेश के विभिन्न जिलों से जुड़ी कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का भी शुभारंभ और लोकार्पण करेंगे। इनमें बीकानेर की दो बड़ी सौर ऊर्जा परियोजनाएं भी शामिल हैं, जिन्हें देश के ऊर्जा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री बीकानेर में एसजेवीएन द्वारा विकसित 1000 मेगावाट क्षमता वाली सौर ऊर्जा परियोजना का लोकार्पण करेंगे। करीब 5,492 करोड़ रुपये की लागत से लगभग 5,000 एकड़ भूमि पर तैयार की गई यह परियोजना घरेलू आवश्यकता श्रेणी में भारत की सबसे बड़ी सिंगल ईपीसी (EPC) सौर परियोजनाओं में शामिल है। परियोजना के शुरू होने से राजस्थान को 500 मेगावाट बिजली की आपूर्ति होगी, जबकि शेष विद्युत अन्य राज्यों को उपलब्ध कराई जाएगी।
इस परियोजना की एक खास विशेषता यह भी है कि इसमें ‘मेक इन इंडिया’ पहल को बढ़ावा देते हुए लगभग 24.22 लाख स्वदेश निर्मित सोलर मॉड्यूल और 17.5 करोड़ स्वदेशी सोलर सेल्स का उपयोग किया गया है। इससे देश में स्वदेशी तकनीक और विनिर्माण को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
इसके अलावा प्रधानमंत्री 300 मेगावाट क्षमता वाले करणीसर सौर ऊर्जा संयंत्र का भी लोकार्पण करेंगे। यह परियोजना भारत की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता को बढ़ाने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है। संयंत्र में करीब 7.75 लाख स्वदेश निर्मित सोलर पीवी सेल्स और मॉड्यूल्स लगाए गए हैं।
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इन दोनों परियोजनाओं के संचालन से न केवल स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। ऊर्जा क्षेत्र में इन परियोजनाओं को राजस्थान के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
