राजस्थान सरकार ने शहरी संपत्तियों के पट्टा नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए संपत्ति खरीदारों को नई सुविधा दी है। अब यदि किसी भूखंड या मकान की खरीद रजिस्ट्री के माध्यम से होती है और उस संपत्ति का पहले से पट्टा बना हुआ है, तो नए मालिक के नाम और फोटो के साथ नया पट्टा जारी किया जाएगा।
अब तक ऐसी स्थिति में केवल नामांतरण किया जाता था और खरीदार को पुराने मालिक के नाम वाला पट्टा ही रखना पड़ता था। नगरीय विकास, आवासन एवं स्वायत्त शासन विभाग ने इस संबंध में नए आदेश जारी कर दिए हैं।
नए नियम के तहत आवासीय संपत्तियों के लिए 10 रुपये प्रति वर्गमीटर और गैर-आवासीय संपत्तियों के लिए 20 रुपये प्रति वर्गमीटर शुल्क निर्धारित किया गया है। शुल्क जमा करने के बाद संबंधित निकाय प्रक्रिया पूरी कर नए स्वामी के नाम से पट्टा जारी करेगा। यह व्यवस्था फ्रीहोल्ड और लीजहोल्ड दोनों प्रकार की संपत्तियों पर लागू होगी।
सरकार का मानना है कि इस बदलाव से संपत्ति के स्वामित्व का रिकॉर्ड अधिक पारदर्शी और अद्यतन रहेगा। साथ ही बैंक से ऋण लेने, सरकारी दस्तावेजों में सत्यापन कराने और अन्य प्रशासनिक कार्यों में भी संपत्ति मालिकों को सुविधा मिलेगी।
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नई व्यवस्था के तहत नामांतरण के अलावा उपविभाजन, पुनर्गठन और भू-उपयोग परिवर्तन के मामलों में भी नए पट्टे जारी किए जाएंगे।
सरकार ने फ्रीहोल्ड पट्टा जारी करने की प्रक्रिया भी सरल कर दी है। मूल पट्टाधारी या उसके सभी कानूनी वारिस संयुक्त रूप से आवेदन कर मूल पट्टा जमा कर नया फ्रीहोल्ड पट्टा प्राप्त कर सकेंगे। वहीं यदि संपत्ति किसी नए खरीदार के नाम हस्तांतरित हो चुकी है, तो आवश्यक दस्तावेजों के सत्यापन के बाद उसके नाम से नया फ्रीहोल्ड पट्टा जारी किया जाएगा।
