बीकानेर साइबर थाना पुलिस ने रोहित गोदारा गैंग से जुड़े दो आरोपियों को गिरफ्तार कर साइबर ठगी और संगठित अपराध के बीच जुड़े एक बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि आरोपी साइबर ठगों की अवैध कमाई को बैंक खातों में सुरक्षित रखने की व्यवस्था करते थे और इसके बदले में कमीशन के रूप में क्रिप्टो करेंसी प्राप्त करते थे।
पुलिस ने रामपुरा बस्ती निवासी संदीप स्वामी और मुकेश बिश्नोई को प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया। पूछताछ में पता चला कि दोनों देशभर में सक्रिय साइबर ठगी गिरोहों के संपर्क में थे और ठगी की रकम को विभिन्न बैंक खातों में जमा करवाकर उसे सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी निभाते थे।
जांच के अनुसार इस काम के बदले मिलने वाली क्रिप्टो करेंसी को गैंगस्टर रोहित गोदारा के नेटवर्क तक पहुंचाया जाता था। आशंका है कि इस रकम का उपयोग अवैध हथियार खरीदने और आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने में किया जाता था।
पुलिस जांच में अपराधियों की तीन स्तरीय चेन सामने आई है। पहली कड़ी साइबर ठगों की है, जो लोगों से ऑनलाइन ठगी कर करोड़ों रुपये जुटाते हैं। दूसरी कड़ी उन लोगों की है, जो इस रकम को बैंक खातों के जरिए सुरक्षित बनाते हैं और बदले में क्रिप्टो करेंसी हासिल करते हैं। तीसरी कड़ी अपराधी गिरोहों की है, जो इस क्रिप्टो करेंसी का इस्तेमाल आपराधिक वारदातों के लिए करते हैं।
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पुलिस ने दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया है। प्रारंभिक जांच में उनके तीन बैंक खातों में करीब 50 लाख रुपये के संदिग्ध ट्रांजेक्शन का पता चला है। इसके अलावा पांच से अधिक अन्य बैंक खातों की जानकारी भी मिली है, जिनमें करोड़ों रुपये के लेनदेन की आशंका जताई जा रही है। पुलिस अब इन खातों की जांच के साथ-साथ साइबर ठगी गिरोह और क्रिप्टो करेंसी प्राप्त करने वाले अपराधियों की पहचान में जुटी हुई है।
