बीकानेर के बीछवाल स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के केंद्रीय शुष्क बागवानी संस्थान में शनिवार को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 23वीं किस्त वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशभर के किसानों के खातों में सम्मान निधि राशि हस्तांतरित किए जाने के राष्ट्रीय कार्यक्रम का लाइव प्रसारण भी किया गया।
कार्यक्रम में केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुनराम मेघवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके साथ जिला कलेक्टर निशांत जैन, श्याम पंचारिया, सुमन छाजेड़, एसडीएम महिमा कसाना, संस्थान के निदेशक डॉ. जगदीश राणे, कृषि वैज्ञानिकों, अधिकारियों और बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया।
अपने संबोधन में केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त के तहत बीकानेर जिले के 1 लाख 82 हजार किसानों के खातों में 36 करोड़ 33 लाख रुपये की राशि हस्तांतरित की गई है। उन्होंने अधिकारियों से योजना के दायरे में अधिक से अधिक पात्र किसानों को जोड़ने के प्रयास तेज करने का आह्वान किया।
मेघवाल ने कहा कि केंद्रीय शुष्क बागवानी संस्थान शुष्क और अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में बागवानी फसलों के विकास तथा किसानों की आय बढ़ाने के लिए उल्लेखनीय कार्य कर रहा है। उन्होंने किसानों से आधुनिक और वैज्ञानिक कृषि तकनीकों को अपनाने का आग्रह किया। साथ ही बाजरा, केर, सांगरी और टिंडा जैसी स्थानीय फसलों के उत्पादन और मूल्य संवर्धन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई।
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कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्याम पंचारिया और सुमन छाजेड़ ने किसानों से रासायनिक खादों के अत्यधिक उपयोग को कम करने और प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती न केवल मिट्टी की उर्वरता बढ़ाती है बल्कि किसानों के उत्पादन खर्च को भी कम करती है।
संस्थान के निदेशक डॉ. जगदीश राणे ने संस्थान की उपलब्धियों और शोध कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि पिछले तीन दशकों में विकसित तकनीकों से किसानों को बेहतर उत्पादन और आय वृद्धि में मदद मिली है। उन्होंने कहा कि संस्थान लगातार किसानों के लिए नई तकनीकों और नवाचारों पर कार्य कर रहा है।
इस अवसर पर संस्थान द्वारा विकसित उन्नत कृषि तकनीकों और नवाचारों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। केंद्रीय मंत्री और अन्य अतिथियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा नवस्थापित कृषि प्रौद्योगिकी सूचना केंद्र का निरीक्षण किया। मेघवाल ने खेत बचाओ अभियान के तहत प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और प्लास्टिक व रासायनिक कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन पर भी जोर दिया।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. धुरेंद्र सिंह ने सभी अतिथियों, कृषि वैज्ञानिकों और किसानों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय, महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय और अन्य कृषि एवं शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।
