बीकानेर में औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन की दिशा में एक बड़ी संभावना सामने आई है। केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा है कि जिले में लिग्नाइट गैसीफिकेशन परियोजना के लिए अनुकूल परिस्थितियां मौजूद हैं। यदि यह परियोजना साकार होती है तो क्षेत्र में सेरेमिक और फर्टिलाइजर उद्योगों का विस्तार होगा तथा 10 हजार से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर मिल सकेंगे।
शनिवार को बरसिंहसर स्थित थर्मल पावर स्टेशन में एनएलसी इंडिया लिमिटेड के अधिकारियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक में मेघवाल ने लिग्नाइट गैसीफिकेशन परियोजना की संभावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार देशभर में कोल और लिग्नाइट गैसीफिकेशन को बढ़ावा देने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य कर रही है। बीकानेर और आसपास के क्षेत्रों में लिग्नाइट के पर्याप्त भंडार होने से यहां इस परियोजना की संभावनाएं और मजबूत हो जाती हैं।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार ने बरसिंहसर क्षेत्र में प्रतिवर्ष लगभग छह लाख टन लिग्नाइट के गैसीफिकेशन का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस संबंध में उन्होंने केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी से भी चर्चा की है और विभिन्न स्तरों पर आवश्यक प्रयास किए जा रहे हैं।
बैठक के दौरान एनएलसी अधिकारियों ने परियोजना की प्रगति से संबंधित जानकारी दी। मेघवाल ने बताया कि एनएलसी जल्द ही एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (ईओआई) जारी कर परियोजना की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगा। उन्होंने कहा कि गैसीफिकेशन से तैयार होने वाली गैस के आधार पर बीकानेर में नए सेरेमिक और फर्टिलाइजर उद्योग स्थापित किए जा सकते हैं, जिससे क्षेत्र का औद्योगिक परिदृश्य बदल सकता है।
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समीक्षा बैठक में थर्मल पावर स्टेशन, लिग्नाइट खनन और सौर ऊर्जा परियोजनाओं की भी विस्तृत समीक्षा की गई। केंद्रीय मंत्री ने इन परियोजनाओं के संचालन में आने वाली चुनौतियों और भविष्य की योजनाओं के बारे में अधिकारियों से जानकारी ली।
मेघवाल ने बीकानेर के लिग्नाइट इतिहास का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 1896 में पलाना गांव में कुआं खोदने के दौरान पहली बार लिग्नाइट की पहचान हुई थी और वर्ष 1898 में यहां भूमिगत खनन शुरू किया गया। उन्होंने इस ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 37,500 करोड़ रुपये की कोल एवं लिग्नाइट गैसीफिकेशन प्रोत्साहन योजना को मंजूरी दी है। इस योजना का उद्देश्य देश को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना, आयातित ईंधन पर निर्भरता कम करना और कोयला तथा लिग्नाइट के मूल्यवर्धित उपयोग को बढ़ावा देना है।
बैठक में एनएलसी इंडिया लिमिटेड के प्रोजेक्ट हेड एवं एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर एस. विजय कुमार सहित विभिन्न विभागाध्यक्ष उपस्थित रहे। वहीं चेन्नई से वरिष्ठ अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में भाग लिया।
