नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) झाबर सिंह खर्रा ने बीकानेर शहर में सफाई व्यवस्था, सीवरेज, ड्रेनेज और विकास कार्यों को लेकर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शहर में कहीं भी कचरे के ढेर दिखाई नहीं देने चाहिए और आमजन को सीवरेज व जल निकासी से जुड़ी समस्याओं का सामना नहीं करना पड़े।
बुधवार को सर्किट हाउस में आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्री खर्रा ने नगर निगम, बीकानेर विकास प्राधिकरण (बीडीए) और आवासन मंडल के अधिकारियों के साथ विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने आमजन से प्राप्त शिकायतों का सात दिन के भीतर निस्तारण सुनिश्चित करने तथा समाधान नहीं होने की स्थिति में कारण सहित जवाब देने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान बीकानेर पूर्व और पश्चिम के विधायकों द्वारा बीडीए की नई बिल्डिंग शहर से दूर बनाए जाने पर आपत्ति जताई गई। इस पर मंत्री खर्रा ने निर्माण कार्य तत्काल प्रभाव से रोकने के निर्देश दिए। साथ ही जिला कलेक्टर को दोनों विधायकों के साथ संयुक्त निरीक्षण कर नए और उपयुक्त स्थान पर चर्चा करने को कहा।
सीवरेज कार्यों की गुणवत्ता को लेकर भी बैठक में गंभीर चर्चा हुई। सीवरेज ठेका कंपनी के कार्यों के निरीक्षण में अनियमितताओं की शिकायत मिलने पर मंत्री ने रूडसिको जयपुर से नई निरीक्षण टीम भेजकर दोबारा जांच कराने के निर्देश दिए।
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अमृत योजना के तहत करीब 265 करोड़ रुपये की लागत से चल रहे विकास कार्यों की धीमी गति पर भी मंत्री ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने बताया कि टेक्नोक्रेट कंपनी को दो वर्ष में कार्य पूरा करना था, लेकिन निर्धारित समय निकलने के आठ महीने बाद भी केवल 70 प्रतिशत कार्य ही पूरा हो पाया है। इस पर कंपनी के खिलाफ पेनल्टी लगाने के प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में शिवबाड़ी और करमीसर ग्राम पंचायत क्षेत्रों में कथित फर्जी पट्टों की जांच कराने, सरकारी भूमि की पहचान कर अतिक्रमण हटाने और सुविधाजनक भूमि विकसित करने के निर्देश भी दिए गए। इसके अलावा अवैध रूप से कचरा फेंकने वाले स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने तथा दोषियों पर जुर्माना लगाने की बात कही गई।
मंत्री खर्रा ने आवासन मंडल की शिवबाड़ी योजना में अवैध मिट्टी खनन पर कार्रवाई करने, अनधिकृत अंडरग्राउंड बाजारों को नोटिस जारी करने तथा कचरा संग्रहण करने वाले वाहनों की जीपीएस ट्रैकिंग की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए।
बैठक में बीकानेर पश्चिम विधायक जेठानंद व्यास ने नगरीय निकायों की भूमि पर कब्जों, सामुदायिक भवनों और मार्केट के नाम पर निजी वसूली तथा करमीसर में फर्जी पट्टों की जांच की मांग उठाई। वहीं बीकानेर पूर्व विधायक सिद्धि कुमारी ने लाल क्वार्टर को सामुदायिक भवन के रूप में विकसित करने, सूरसागर के जीर्णोद्धार, शास्त्री नगर नाले की समस्या और कचरा प्रबंधन को लेकर सुझाव दिए।
इस दौरान नगर निगम आयुक्त सिद्धार्थ पलानीचामी ने भविष्य की योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि जयपुर रोड को म्यूजियम सर्किल से हल्दीराम प्याऊ तक करीब 6 करोड़ रुपये की लागत से मॉडल रोड के रूप में विकसित किया जाएगा। इस परियोजना में ईवी चार्जिंग स्टेशन, आधुनिक फुटपाथ और अन्य सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके अलावा शहर की 10 अन्य प्रमुख सड़कों को भी मॉडल रोड के रूप में विकसित करने की योजना है।
बैठक के अंत में मंत्री खर्रा और क्षेत्रीय विधायकों ने सर्किट हाउस परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
