बीकानेर में साइबर ठगी का एक और गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक मजदूर की वर्षों की मेहनत की कमाई साइबर अपराधियों ने फर्जी बैंक ट्रांजेक्शन के जरिए हड़प ली। पीड़ित ने अपनी बेटी की शादी के लिए रकम बचाकर बैंक खातों में जमा की थी, लेकिन कुछ ही दिनों में उसके दोनों खातों से कुल 3.44 लाख रुपये निकाल लिए गए। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार धोबी तलाई गली नंबर 15 निवासी तनवीर अहमद ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करता है। उसने अपनी बेटी की शादी के लिए लंबे समय से बचत कर बैंक खातों में राशि जमा कर रखी थी।
पीड़ित के अनुसार उसका एक बैंक खाता बैंक ऑफ बड़ौदा की तिलक नगर शाखा में और दूसरा भारतीय स्टेट बैंक की गंगाशहर रोड शाखा में संचालित है। आरोप है कि अज्ञात साइबर ठगों ने बैंक ऑफ बड़ौदा खाते से 25 मई को 98 हजार रुपये, 26 मई को 98 हजार रुपये और 27 मई को फिर 98 हजार रुपये ट्रांसफर कर लिए। इस प्रकार इस खाते से कुल 2 लाख 94 हजार रुपये की फर्जी निकासी की गई।
इसके अलावा भारतीय स्टेट बैंक के खाते से भी 25 मई को 50 हजार रुपये की राशि अवैध तरीके से ट्रांसफर कर ली गई। दोनों खातों से कुल मिलाकर 3 लाख 44 हजार रुपये की ठगी को अंजाम दिया गया।
- Advertisement -
शिकायत के बावजूद नहीं मिली तत्काल राहत
पीड़ित ने बताया कि खाते से राशि निकलने की जानकारी मिलते ही उसने राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन और साइबर सेल में शिकायत दर्ज करवाई। बैंक ऑफ बड़ौदा खाते से संबंधित शिकायत संख्या 32705260052287 तथा एसबीआई खाते से संबंधित शिकायत संख्या 32705260052439 दर्ज की गई थी।
हालांकि 27 मई को शिकायत दर्ज कराने के बावजूद उसे कोई संतोषजनक जवाब या राहत नहीं मिल सकी। इसके बाद उसने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में परिवाद प्रस्तुत किया।
एसपी के निर्देश पर दर्ज हुआ मामला
शिकायत की जांच के बाद प्रथम दृष्टया मामला सही पाए जाने पर पुलिस अधीक्षक के आदेश पर साइबर थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 317(2), 318(2) और 318(4) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की जांच उपनिरीक्षक ओमप्रकाश को सौंपी गई है।
साइबर अपराधियों तक पहुंचने की चुनौती
पुलिस अब बैंक खातों में हुए ट्रांजेक्शन, संबंधित खाताधारकों और साइबर ट्रेल की गहन जांच कर रही है। हालांकि ऐसे मामलों में आरोपियों तक पहुंचना अभी भी बड़ी चुनौती बना हुआ है। इसके बावजूद साइबर पुलिस कई मामलों में रकम को होल्ड करवाकर पीड़ितों को धनराशि वापस दिलाने में सफल रही है।
यह घटना एक बार फिर ऑनलाइन बैंकिंग और डिजिटल लेनदेन के दौरान सतर्क रहने की आवश्यकता को रेखांकित करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलते ही तुरंत बैंक और साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए।
