बीकानेर। बीकानेर में बुधवार दोपहर अचानक आए तेज रेत के बवंडर ने पूरे शहर की रफ्तार थाम दी। कुछ ही मिनटों में आसमान धूल के गुबार से ढक गया और दिन के समय रात जैसा नजारा देखने को मिला। तेज आंधी के कारण शहर के कई इलाकों में दृश्यता बेहद कम हो गई, जिससे आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
अचानक बदले मौसम ने लोगों को संभलने का मौका तक नहीं दिया। देखते ही देखते चारों ओर धूल का गुबार छा गया और सड़क पर चल रहे वाहन चालकों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। तेज हवाओं के कारण जनजीवन कुछ समय के लिए अस्त-व्यस्त हो गया।
हालांकि आंधी के बाद मौसम में बदलाव देखने को मिला और भीषण गर्मी से लोगों को राहत मिली। कई स्थानों पर हल्की बारिश की बूंदाबांदी भी हुई, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई और लोगों ने राहत महसूस की।
आंधी के कुछ ही देर बाद बीकानेर सहित प्रदेश के कई जिलों में लोगों के मोबाइल फोन पर तेज बीप की आवाज के साथ आपदा संबंधी चेतावनी संदेश प्राप्त हुआ। अचानक आए इस अलर्ट से कई लोग हैरान रह गए और कुछ समय के लिए असमंजस की स्थिति बन गई।
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मोबाइल पर प्राप्त संदेश में मौसम विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से गंभीर मौसम चेतावनी जारी की गई। अलर्ट के अनुसार बीकानेर, चूरू, डीडवाना-कुचामन, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, जयपुर, झुंझुनूं, कोटपूतली-बहरोड़, नागौर और सीकर जिलों में कई स्थानों पर 90 से 100 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज आंधी, ओलावृष्टि और गंभीर तूफान की संभावना जताई गई।
आपदा प्रबंधन एवं नागरिक सुरक्षा विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की अपील की है। विभाग ने सलाह दी है कि तेज आंधी, बारिश या ओलावृष्टि की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर शरण लें तथा अनावश्यक रूप से घरों से बाहर निकलने से बचें।
मौसम में आए इस अचानक बदलाव ने एक बार फिर साबित कर दिया कि पश्चिमी राजस्थान में गर्मी के मौसम के दौरान मौसम कभी भी करवट ले सकता है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों से जारी चेतावनियों का पालन करने की अपील की जा रही है।
