बीकानेर में भीषण गर्मी के बीच पेयजल संकट और लगातार बिजली कटौती के विरोध में शुक्रवार को कांग्रेस ने कलेक्ट्रेट परिसर में मटका फोड़कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व पूर्व मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला और पूर्व शहर कांग्रेस अध्यक्ष यशपाल गहलोत ने किया, जिसमें बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और आरोप लगाया कि शहर में पेयजल व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। साथ ही बिजली कटौती, डीजल-पेट्रोल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा गया।
कांग्रेस नेता विकास तंवर ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान दो अलग-अलग ज्ञापन जिला कलेक्टर के माध्यम से सौंपे गए, जिनमें एक राष्ट्रपति और दूसरा राज्यपाल के नाम भेजा गया है। ज्ञापन में बीकानेर की पेयजल समस्या को गंभीर बताते हुए इसके स्थायी समाधान की मांग की गई।
कांग्रेस का आरोप है कि शहर में पानी की आपूर्ति की स्थिति नहरबंदी के समय से भी खराब हो गई है और कई क्षेत्रों में लो-प्रेशर या आपूर्ति न होने से लोग परेशान हैं। साथ ही 2022 में स्वीकृत 614.89 करोड़ रुपये की पेयजल योजना के समय पर पूरा न होने पर भी सवाल उठाए गए।
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बिजली कटौती के मुद्दे पर कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि निजी बिजली कंपनी मेंटेनेंस के नाम पर लगातार बिजली आपूर्ति बाधित कर रही है, जिससे आमजन को भारी परेशानी हो रही है। प्रदर्शनकारियों ने बिजली कंपनी के कार्यों की जांच की मांग भी की।
कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि पानी और बिजली की समस्याओं का समाधान जल्द नहीं किया गया तो पार्टी जनआंदोलन शुरू करेगी।
