बीकानेर के बीछवाल थाना क्षेत्र में दर्ज बहुचर्चित शाहरुख हत्याकांड मामले में आरोपी मनरूप विश्नोई को अदालत से राहत नहीं मिली है। अपर सेशन न्यायाधीश संख्या-5, बीकानेर की अदालत ने आरोपी की पहली जमानत याचिका खारिज कर दी।
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि मामला हत्या जैसे गंभीर अपराध से जुड़ा है और अभी कई महत्वपूर्ण गवाहों के बयान दर्ज किए जाने बाकी हैं, ऐसे में आरोपी को जमानत देना उचित नहीं होगा।
मामले के अनुसार 3 जुलाई 2024 को शोभासर से बारात लौट रही बोलेरो कैंपर को दो वाहनों ने घेर लिया था। आरोप है कि हमलावरों ने वाहन को टक्कर मारने के बाद फायरिंग की और शाहरुख को बाहर निकालकर लाठी-डंडों व पाइपों से हमला किया। गंभीर रूप से घायल शाहरुख की इलाज के दौरान रास्ते में मौत हो गई थी।
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने दलील दी कि आरोपी मनरूप का नाम एफआईआर में नहीं है और किसी गवाह ने उसकी सीधी संलिप्तता नहीं बताई है। साथ ही यह भी कहा गया कि वह 25 जून 2025 से न्यायिक हिरासत में है और उससे कोई बरामदगी नहीं हुई है।
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वहीं सरकारी पक्ष ने अदालत को बताया कि मामला पुरानी रंजिश से जुड़ा है और आरोपी के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। जमानत मिलने पर गवाहों को प्रभावित किए जाने की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। अदालत ने इन तर्कों को स्वीकार करते हुए जमानत अर्जी खारिज कर दी।
