जयपुर में औषधि नियंत्रण आयुक्तालय ने दवा गुणवत्ता को लेकर बड़ा अलर्ट जारी किया है। जांच में 10 दवाओं के सैंपल गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं। इनमें बुखार, संक्रमण, एलर्जी, दर्द और पेट संबंधी बीमारियों में इस्तेमाल होने वाली दवाएं शामिल हैं।
औषधि नियंत्रक अजय फाटक के अनुसार कुछ दवाओं में सक्रिय तत्व (असे) की मात्रा निर्धारित मानकों से कम पाई गई, जबकि कुछ दवाएं आईपी और यूएसपी मानकों के अनुरूप नहीं थीं। इसके बाद संबंधित बैचों की बिक्री पर रोक लगाने और स्टॉक बाजार से हटाने के निर्देश दिए गए हैं।
फेल पाई गई दवाओं में सेफपोडॉक्सिम प्रोक्सेटिल, सिप्रोफ्लोक्सासिन, डेक्सामेथासोन इंजेक्शन, रोसुवास्टेटिन कॉम्बिनेशन, बेथानेकोल क्लोराइड, निमेसुलाइड-पैरासिटामोल और लेवोसेट्रीजिन जैसी दवाएं शामिल हैं, जो आमतौर पर संक्रमण, बुखार और दर्द के इलाज में उपयोग होती हैं।
विभाग ने सभी औषधि निरीक्षकों और दवा विक्रेताओं को इन बैचों की बिक्री तुरंत रोकने के निर्देश दिए हैं।
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गौरतलब है कि इससे पहले भी अप्रैल में 7 दवाएं गुणवत्ता जांच में फेल पाई गई थीं, जिन्हें बाजार से हटाने के आदेश जारी किए गए थे।
