बीकानेर के नगरसेठ श्री लक्ष्मीनाथ जी मंदिर परिसर में रविवार सुबह जीव रक्षा और पक्षी सेवा को समर्पित विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। महावीर इंटरनेशनल और वंदे मातरम मंच के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम के तहत पक्षियों के लिए पालसिया (पानी के पात्र) और चुग्गा (दाना) वितरण किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजसेवियों और श्रद्धालुओं ने भाग लेकर जीव दया का संदेश दिया।
कार्यक्रम सुबह 8 बजे शुरू हुआ, जहां मंदिर परिसर में पक्षियों के लिए पानी के पात्र लगाए गए और दाना डाला गया। वंदे मातरम मंच के वरिष्ठ सदस्य विजय कोचर ने बताया कि पुरुषोत्तम मास के दौरान धर्म और सेवा कार्यों का विशेष महत्व होता है। इसी भावना के साथ पक्षियों के लिए पानी और भोजन की व्यवस्था की गई।
महावीर इंटरनेशनल के अध्यक्ष नरेंद्र कुमार सुराणा ने कहा कि भीषण गर्मी को देखते हुए मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को घरों की मुंडेरों पर लगाने के लिए लगभग 300 पालसियों का वितरण किया गया, ताकि लोग अपने घरों के आसपास भी पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था कर सकें।
वंदे मातरम मातृशक्ति टीम की अध्यक्ष कामिनी विमल भोजक ने कहा कि जीव दया संकल्प दिवस के अवसर पर सभी उपस्थित लोगों ने जीव रक्षा की शपथ ली। उन्होंने बताया कि पुरुषोत्तम मास के दौरान बीकानेर शहर में पक्षियों के लिए लगभग 100 किलो चुग्गा वितरित किया जाएगा।
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कार्यक्रम में मौजूद मुकेश जोशी ने कहा कि पशु-पक्षी अपनी पीड़ा व्यक्त नहीं कर सकते, इसलिए समाज का दायित्व है कि उनकी सेवा और संरक्षण के लिए आगे आए। वहीं नरसिंह भाटी ने कहा कि सेवा के साथ लोगों को प्रेरित करना भी जरूरी है, ताकि अधिक से अधिक लोग जीव दया से जुड़ सकें।
कार्यक्रम के प्रवक्ता दिलीप गुप्ता ने कहा कि संस्था केवल पक्षियों ही नहीं बल्कि सभी बेजुबान पशुओं की सेवा के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने लोगों से गर्मी के मौसम में पशु-पक्षियों के लिए पानी और भोजन की व्यवस्था करने की अपील की।
यह सेवा कार्यक्रम स्वर्गीय ऋषभ सुराणा की पुण्य स्मृति में ऋषभ फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित किया गया। ‘जीव दया सप्ताह’ के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में शहर के अनेक समाजसेवी, महिलाएं और युवा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
