बीकानेर शहर और आसपास के क्षेत्रों में लंबे समय से चल रहे पेयजल संकट के बीच राहत भरी खबर सामने आई है। इंदिरा गांधी नहर परियोजना में शनिवार से दोबारा पानी का प्रवाह शुरू हो गया है। नहरबंदी समाप्त होने के बाद अब पश्चिमी राजस्थान के कई जिलों में जलापूर्ति व्यवस्था धीरे-धीरे सामान्य होने की उम्मीद जताई जा रही है।
जलदाय विभाग के अधिकारी राजेश पुरोहित ने बताया कि इंदिरा गांधी नहर में छोड़ा गया पानी राजस्थान सीमा पार कर मसीतावाली हेड जीरो आरडी तक पहुंच चुका है। विभाग की टीम लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आगे सप्लाई व्यवस्था को सुचारू करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
अधिकारियों के अनुसार नहर का पानी 18 मई की शाम तक बीछवाल क्षेत्र में पहुंच सकता है, जबकि 19 मई की सुबह तक इसके शोभासर जलाशय तक पहुंचने की संभावना है। इसके बाद शहर की पेयजल आपूर्ति व्यवस्था में सुधार शुरू होने की उम्मीद है।
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि शनिवार से लगभग तीन दिन बाद नहरी पानी बीकानेर तक पहुंच जाएगा। इसके बाद पानी को फिल्टर करने की प्रक्रिया पूरी होने के एक दिन बाद नियमित जलापूर्ति शुरू किए जाने की संभावना है। यदि सब कुछ तय योजना के अनुसार रहा तो बीकानेर शहर और आसपास के इलाकों को जल्द राहत मिल सकती है।
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लंबे समय से जल संकट झेल रहा बीकानेर
नहरबंदी के कारण बीकानेर और आसपास के क्षेत्रों में पिछले एक महीने से पेयजल संकट लगातार गहराता जा रहा था। कई इलाकों में एक दिन छोड़कर एक दिन पानी की सप्लाई की जा रही थी, जबकि कुछ क्षेत्रों में चार से पांच दिन तक पानी नहीं पहुंचने की शिकायतें सामने आईं।
विशेष रूप से टेल क्षेत्रों में पानी की सप्लाई प्रभावित रही, जिसके कारण लोगों को महंगे दामों पर निजी टैंकरों से पानी खरीदना पड़ा। हालात ऐसे हो गए थे कि पानी के टैंकर सामान्य दरों से कई गुना अधिक कीमत पर बिक रहे थे। कई परिवारों का घरेलू बजट भी इससे प्रभावित हुआ।
किसानों और आमजन को राहत की उम्मीद
नहर में पानी का प्रवाह शुरू होने से अब किसानों और आमजन दोनों को राहत मिलने की उम्मीद है। जलदाय विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में सप्लाई व्यवस्था धीरे-धीरे सामान्य हो जाएगी और शहर में नियमित जल वितरण शुरू किया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि गर्मी के मौसम में नहरी पानी की उपलब्धता बढ़ने से पश्चिमी राजस्थान के जल संकट में काफी हद तक राहत मिल सकती है।
