राजस्थान के बीकानेर संभाग से सटे भारत-पाकिस्तान सीमावर्ती क्षेत्र में सक्रिय ड्रोन तस्करी नेटवर्क का बड़ा खुलासा हुआ है। बीकानेर पुलिस, सुरक्षा एजेंसियों और खुफिया विभाग की संयुक्त कार्रवाई में पकड़े गए तस्कर सुखविन्द्र उर्फ सोनू से पूछताछ के दौरान पाकिस्तान से संचालित एक संगठित अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी लंबे समय से पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स के निर्देश पर भारत-पाक सीमा पर ड्रोन के जरिए भेजी जा रही ड्रग्स और हथियारों की खेप रिसीव कर रहा था। बीकानेर पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा ने बताया कि आरोपी के सीधे संबंध पाकिस्तान में बैठे बड़े ड्रग और हथियार तस्करों से थे।
पाकिस्तान से संचालित हो रहा था नेटवर्क
जांच के अनुसार आरोपी पहले पाकिस्तान के कुख्यात हैंडलर “चाचा” के संपर्क में था, जो ड्रोन के रूट और ड्रॉपिंग लोकेशन तय करता था। करीब तीन वर्ष पहले उसकी मौत के बाद नेटवर्क की कमान “लंबरदार” नामक नए पाकिस्तानी हैंडलर ने संभाल ली।
पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया है कि वह अब तक लगभग 100 किलो हेरोइन और बड़ी संख्या में अवैध पिस्टल व कारतूस भारत के विभिन्न राज्यों, विशेष रूप से पंजाब, तक पहुंचा चुका है।
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चाइनीज ड्रोन के क्रैश होने से खुला राज
इस पूरे नेटवर्क का खुलासा फरवरी महीने में हुआ, जब पाकिस्तान की ओर से भेजा गया भारी-भरकम ड्रोन तकनीकी खराबी के कारण खाजूवाला क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
जानकारी के अनुसार करीब 17.50 किलोग्राम वजन वाला यह ड्रोन सीमा पार करने के बाद चक 24 केएनडी क्षेत्र के एक सरसों के खेत में गिर गया था। मौके पर पहुंची सीमा सुरक्षा बल और स्थानीय पुलिस ने ड्रोन के साथ हथियारों का जखीरा बरामद किया था। यह बीकानेर सेक्टर में ड्रोन के जरिए हथियार तस्करी का पहला बड़ा मामला माना जा रहा है।
मोबाइल से खुलेंगे बड़े राज
पुलिस को आरोपी के पास से एक स्मार्टफोन भी मिला है, जिसके तार पंजाब की फरीदकोट जेल से जुड़े बताए जा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी जेल में रहने के दौरान और बाहर आने के बाद भी इसी मोबाइल के जरिए पाकिस्तान और भारत में मौजूद अपने नेटवर्क से संपर्क में था।
मोबाइल डेटा, चैट हिस्ट्री और अंतरराष्ट्रीय कॉल रिकॉर्ड की जांच में कई संदिग्ध नंबरों और करोड़ों रुपये के हवाला लेनदेन की जानकारी सामने आई है। मामले में फरीदकोट जेल प्रशासन द्वारा अलग से केस दर्ज किया गया है।
बंद फाइलें फिर खुलेंगी
सुखविन्द्र के कबूलनामे के बाद राजस्थान पुलिस ने पुराने मामलों की फाइलें दोबारा खोलने का फैसला किया है। जिन 10 ड्रोन ड्रॉप मामलों में पहले कोई ठोस सुराग नहीं मिला था और अंतिम रिपोर्ट लगाकर केस बंद कर दिए गए थे, अब उनकी पुनः जांच की जाएगी।
बीकानेर, श्रीगंगानगर और पंजाब पुलिस की संयुक्त टीम बनाई गई है, जो इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है। आरोपी ने अपने सात साथियों के नाम भी उजागर किए हैं, जिनमें चार श्रीगंगानगर बॉर्डर क्षेत्र और तीन पंजाब के बताए जा रहे हैं।
सुरक्षा एजेंसियों के लिए नई चुनौती
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत-पाक सीमा पर अब पारंपरिक घुसपैठ के बजाय ड्रोन तकनीक सबसे बड़ा सुरक्षा खतरा बनती जा रही है। बीकानेर पुलिस की यह कार्रवाई राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से बड़ी सफलता मानी जा रही है।
अब सुरक्षा एजेंसियों की नजर इस नेटवर्क से जुड़े अन्य चेहरों और पंजाब में सक्रिय ड्रग सिंडिकेट पर टिकी हुई है। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
