बीकानेर की एक अदालत ने गाय के साथ अप्राकृतिक कृत्य करने के मामले में आरोपी को दोषी करार देते हुए पांच वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना राशि जमा नहीं कराने की स्थिति में आरोपी को अतिरिक्त एक वर्ष का कारावास भुगतना होगा।
यह मामला बीकानेर के गंगाशहर थाना क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चंद्रशेखर पारीक की अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद आरोपी बाबू खां को दोषी माना।
अभियोजन पक्ष के अनुसार 18 अगस्त 2017 की रात गांधी प्याऊ क्षेत्र में कुछ लोगों ने आरोपी को गाय के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देखा था। प्रत्यक्षदर्शियों ने आरोपी को मौके पर पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया था। इसके बाद गंगाशहर पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया।
मुकदमे के दौरान अदालत में प्रत्यक्षदर्शी गवाहों के बयान, मेडिकल रिपोर्ट, एफएसएल रिपोर्ट तथा जब्त किए गए कपड़ों सहित अन्य वैज्ञानिक साक्ष्य पेश किए गए। अदालत ने माना कि उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों से अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने में सफल रहा है।
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अदालत ने अपने फैसले में कहा कि आरोपी का कृत्य गंभीर प्रकृति का है और इससे सामाजिक एवं सांप्रदायिक तनाव की स्थिति भी उत्पन्न हो सकती थी। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि मामूली विरोधाभासों के आधार पर गवाहों की विश्वसनीयता को पूरी तरह खारिज नहीं किया जा सकता।
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने आरोपी की उम्र और मानसिक स्थिति का हवाला देते हुए सजा में नरमी बरतने की मांग की थी, लेकिन अदालत ने इसे स्वीकार नहीं किया। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को पांच वर्ष के कठोर कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई।
इस फैसले को लेकर कानूनी और सामाजिक स्तर पर चर्चा बनी हुई है। अदालत ने अपने आदेश में कानून व्यवस्था और सामाजिक संवेदनशीलता बनाए रखने को भी महत्वपूर्ण बताया।
