बीकानेर। खेजड़ी के पेड़ों की कटाई के विरोध में चल रहे खेजड़ी बचाओ आंदोलन का असर सोमवार को पूरे बीकानेर शहर में साफ नजर आया। आंदोलन के समर्थन में व्यापारिक संगठनों ने अपने प्रतिष्ठान दोपहर 2 बजे तक बंद रखे, वहीं शहरी क्षेत्र के सरकारी और निजी स्कूलों में आधे दिन की छुट्टी घोषित की गई। सुबह अचानक छुट्टी की सूचना मिलने पर कई अभिभावक अपने बच्चों को लेने स्कूल पहुंचे।
महापड़ाव में शामिल होने के लिए शिव विधानसभा क्षेत्र से विधायक रविंद्र सिंह भाटी भी बीकानेर पहुंचे। उन्होंने आंदोलनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि खेजड़ी केवल एक पेड़ नहीं, बल्कि राजस्थान की सांस्कृतिक और पर्यावरणीय पहचान है। उन्होंने सरकार पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो बीकानेर से विधानसभा घेराव जैसे बड़े आंदोलन से भी पीछे नहीं हटेंगे।
‘बड़े आंदोलन से ही झुकेगी सरकार’
विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने कहा कि खेजड़ी कटाई का मुद्दा पहले भी विधानसभा में उठाया गया, लेकिन जिम्मेदारों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। अब युवाओं और समाज को एकजुट होकर आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार ठोस निर्णय नहीं लेती, तब तक आंदोलन और तेज किया जाएगा।
महापड़ाव में भारी भीड़, भोजन की व्यापक व्यवस्था
महापड़ाव में प्रदेश के अलग-अलग इलाकों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। आयोजकों की ओर से आंदोलनकारियों के लिए भोजन की व्यापक व्यवस्था की गई थी। बड़े कड़ाहों में देशी घी का हलवा और छोले-भटूरे तैयार किए गए। आयोजकों का दावा है कि करीब एक लाख लोगों के भोजन की व्यवस्था की गई थी।
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प्रशासन और जनप्रतिनिधि मौके पर
दिनभर चले महापड़ाव के बाद शाम को प्रदर्शनकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज परिसर में डटे रहे। संगरिया विधायक अभिमन्यु पूनिया और पोकरण विधायक प्रतापपुरी भी समर्थन में पहुंचे। प्रशासन की ओर से कलेक्टर नम्रता वृष्णि वार्ता के लिए महापड़ाव स्थल पर पहुंचीं। भीड़ को देखते हुए पुलिस-प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा। आईजी हेमंत कुमार शर्मा और एसपी कावेंद्र सिंह सागर ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगें
आंदोलनकारियों का आरोप है कि बीकानेर सहित पश्चिमी राजस्थान में सोलर प्रोजेक्ट्स के नाम पर बड़े पैमाने पर खेजड़ी के पेड़ों की कटाई की जा रही है। कई जगह रात के समय पेड़ काटकर उन्हें जमीन में दबाने की शिकायतें सामने आई हैं। आंदोलनकारियों ने सोलर परियोजनाओं में पर्यावरणीय नियमों का सख्ती से पालन, अवैध कटाई पर तत्काल रोक और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
खेजड़ी बचाओ आंदोलन के तहत कलेक्ट्रेट परिसर और करणीसर भाटियान में अनिश्चितकालीन धरना पहले से जारी है। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक खेजड़ी संरक्षण को लेकर ठोस और लिखित आश्वासन नहीं मिलता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
