बीकानेर। खेजड़ी बचाओ आंदोलन के तहत आज बीकानेर शहर पूरी तरह बंद रहा। व्यापारिक संगठनों के समर्थन के चलते शहर के प्रमुख बाजारों में दिनभर सन्नाटा पसरा रहा। आंदोलन के चलते शहरी क्षेत्र के सरकारी और निजी स्कूलों में आधे दिन की छुट्टी घोषित की गई, जिससे अचानक सूचना मिलने पर कई अभिभावक अपने बच्चों को लेने स्कूलों में पहुंचे।
आज के महापड़ाव की शुरुआत यज्ञ के साथ की गई। आंदोलनकारियों ने खेजड़ी को राजस्थान की सांस्कृतिक और पर्यावरणीय पहचान बताते हुए इसके संरक्षण की मांग दोहराई। महापड़ाव के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। दोपहर बाद जिला कलेक्ट्रेट के सामने प्रदर्शन प्रस्तावित है, जबकि शाम को बिश्नोई धर्मशाला के पास बड़ी सभा का आयोजन किया जाएगा। इस सभा में शामिल होने के लिए जिले सहित प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में लोग बीकानेर पहुंच रहे हैं।
लंबे समय से चल रहा है खेजड़ी कटाई के खिलाफ आंदोलन
बीकानेर सहित पश्चिमी राजस्थान में सोलर ऊर्जा परियोजनाओं के नाम पर बड़े पैमाने पर खेजड़ी के पेड़ों की कटाई का आरोप लगाया जा रहा है। आंदोलनकारियों का कहना है कि सोलर कंपनियां परियोजनाओं के लिए जमीन साफ करने के दौरान खेजड़ी जैसे संरक्षित पेड़ों को भी काट रही हैं। आरोप यह भी है कि कई स्थानों पर रात के समय पेड़ काटकर उन्हें जमीन में दबा दिया जाता है, ताकि सबूत न मिल सकें।
इसी के विरोध में खेजड़ी बचाओ आंदोलन के तहत कलेक्ट्रेट और करणीसर भाटियान क्षेत्र में पर्यावरण प्रेमी लंबे समय से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। इससे पहले बिश्नोई समाज के मुकाम में हुई बड़ी बैठक में आंदोलन को और तेज करने का निर्णय लिया गया था। प्रतिनिधि मंडल द्वारा कई बार सरकार से वार्ता की गई, लेकिन ठोस लिखित आश्वासन नहीं मिलने से असंतोष बना हुआ है।
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यातायात और पार्किंग की विशेष व्यवस्था
महापड़ाव को देखते हुए प्रशासन ने शहर में यातायात और पार्किंग की विशेष योजना लागू की है। श्रीडूंगरगढ़ और जयपुर रोड से आने वाले वाहन जयपुर बाइपास, नापासर चौराहा और शिवबाड़ी होते हुए पॉलिटेक्निक कॉलेज पहुंचेंगे, जहां आईटीआई कॉलेज में पार्किंग की व्यवस्था की गई है।
श्रीगंगानगर रोड से आने वाले वाहन बीछवाल बाइपास होकर सभा स्थल पहुंचेंगे। हनुमानगढ़, हरियाणा और पंजाब से आने वाले वाहनों को एक्सप्रेस वे और नोरंगदेसर मार्ग से लाया जाएगा। जैसलमेर, बज्जू, कोलायत, खाजूवाला और छत्तरगढ़ क्षेत्र से आने वाले वाहनों के लिए भी अलग-अलग रूट और पार्किंग स्थल तय किए गए हैं।
प्रदेश के बड़े नेता और संत होंगे शामिल
इस महापड़ाव में प्रदेशभर के कई प्रमुख जनप्रतिनिधि और सामाजिक चेहरे शामिल हो रहे हैं। शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी, संगरिया विधायक अभिमन्यू पूनिया, मंजीतपाल सांवराद सहित कई साधु-संत और पर्यावरण कार्यकर्ता आंदोलन में भाग ले रहे हैं।
