पीबीएम अस्पताल में लापरवाही का नया मामला, वायरल वीडियो ने बढ़ाई विपक्ष की तीखी प्रतिक्रिया
संभाग का सबसे बड़ा अस्पताल पीबीएम एक बार फिर अव्यवस्था और लापरवाही के कारण सुर्खियों में है। बीते दिनों रात की शिफ्ट में लैब में मौजूदगी के स्थान पर टेबल पर पर्ची रखने का मामला सामने आया था, जिसके बाद अधीक्षक ने संबंधित कार्मिक को हटाने की कार्रवाई की थी। अब उसी घटनाक्रम से जुड़ा एक नया वीडियो सामने आया है, जिसने मामले को और गंभीर बना दिया है।
लैब एचओडी का वीडियो वायरल, लापरवाही पर उठे गंभीर सवाल
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में लैब एचओडी डॉ. तरूणा स्वामी लैब कर्मचारी से यह कहते हुए दिखाई दे रही हैं कि रात 12 बजे के बाद लैब का चैनल गेट बंद करके सो जाया करो, बाकी मैं देख लूंगी।
इस कथित बयान ने अस्पताल प्रबंधन और स्टाफ के कामकाज पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
वीडियो सामने आने के बाद यह चर्चा तेज है कि यदि वरिष्ठ अधिकारी स्वयं ऐसी निर्देश दे रहे हैं, तो फिर छोटे कर्मचारियों पर अकेले कार्रवाई क्यों की गई।
- Advertisement -
कांग्रेस नेता अरुणा व्यास ने उठाई आवाज, वरिष्ठों पर कार्रवाई की मांग
कांग्रेस नेता अरुणा व्यास ने वायरल वीडियो को लेकर पीबीएम अधीक्षक डॉ. बी.सी. घीया की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए।
व्यास का कहना है कि लापरवाही वरिष्ठ स्तर पर हुई है और इसकी जिम्मेदारी भी उन्हीं पर तय होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि छोटे कर्मचारी को हटाकर मामले को निपटाना अन्याय है, जबकि वीडियो स्पष्ट तौर पर दिखाता है कि निर्देश वरिष्ठ अधिकारी की ओर से ही आए थे।
मेडिकल कॉलेज प्रशासन को दी शिकायत, निलंबन की मांग
अरुणा व्यास ने मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुरेंद्र वर्मा से फोन पर बात कर स्थिति की जानकारी दी और डॉ. तरूणा स्वामी पर तुरंत कार्रवाई करते हुए निलंबन की मांग की।
व्यास ने चेतावनी दी है कि यदि उचित कार्रवाई जल्द नहीं हुई, तो विरोध प्रदर्शन और अस्पताल प्रबंधन का घेराव किया जाएगा।
युवा मोर्चा के औचक निरीक्षण से शुरू हुआ था विवाद
यह पूरा विवाद उस समय उभरा, जब युवा मोर्चा की टीम ने रात में लैब का औचक निरीक्षण किया था।
निरीक्षण के दौरान टेबल पर एक पर्ची रखी मिली, जिसमें लिखा था कि सैंपल टेबल पर रख दें, रिपोर्ट सुबह मिल जाएगी।
उस रात कार्मिक की अनुपस्थित पाई जाने पर अस्पताल प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई की, लेकिन अब वायरल वीडियो ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि गलती किसकी थी और कार्रवाई किस पर होनी चाहिए।
निष्कर्ष
पीबीएम अस्पताल में लापरवाही और जिम्मेदारी के मुद्दे पर विवाद गहराता जा रहा है। नए वीडियो ने न केवल अस्पताल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि वरिष्ठ अधिकारियों की जवाबदेही पर भी बहस छेड़ दी है।
प्रबंधन पर बढ़ते राजनीतिक और सार्वजनिक दबाव के बीच अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन जांच को किस दिशा में ले जाता है और क्या लापरवाही के लिए वास्तविक जिम्मेदारों पर कार्रवाई होती है या नहीं।

