बार एसोसिएशन अध्यक्ष चुनाव: कोर्ट परिसर में दिनभर रही हलचल, चार उम्मीदवारों में कड़ा मुकाबला
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष पद के लिए आज मतदान जारी है और सुबह से ही कोर्ट परिसर चुनावी माहौल में बदल गया है। आम दिनों की तरह तारीख, सुनवाई या जमानत की फाइलों पर ध्यान देने के बजाय अधिवक्ता अपने नए अध्यक्ष को चुनने के लिए सक्रिय दिखाई दे रहे हैं। जो अधिवक्ता नियमित रूप से कोर्ट नहीं आ पाते, वे भी आज अपना मत देने विशेष रूप से पहुंचे हैं।
मतदान सुबह 10 बजे से शाम 4:30 बजे तक, अधिवक्ताओं में उत्साह
अधिवक्ता सुबह 10 बजे से शाम 4:30 बजे तक अपना मताधिकार इस्तेमाल कर रहे हैं।
चुनाव को लेकर अधिवक्ताओं में उत्साह साफ दिखाई दे रहा है। कई वरिष्ठ अधिवक्ता सुबह ही मतदान केंद्र पहुंच गए, जबकि युवा अधिवक्ता अपने पसंदीदा उम्मीदवार के समर्थन में लगातार प्रचार करते दिखे।
एक-एक वोट की अहमियत को देखते हुए समर्थक गुट पूरी सक्रियता से अपने प्रत्याशी को मजबूत बनाने में जुटे हैं। मतदान केंद्र पर पूरे दिन भीड़ बनी रहने की उम्मीद है।
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चार उम्मीदवारों के बीच कड़ा संघर्ष
इस बार अध्यक्ष पद के लिए मुकाबले में कुल चार उम्मीदवार हैं:
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वरिष्ठ अधिवक्ता अजय कुमार पुरोहित
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युवा उम्मीदवार तेजकरण सिंह राठौड़
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सुखाराम मेघवाल
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सकीना
अजय कुमार पुरोहित इससे पहले तीन बार अध्यक्ष रह चुके हैं और संगठन में उनका व्यापक अनुभव माना जाता है।
दूसरी ओर, पहली बार चुनाव मैदान में उतर रहे तेजकरण सिंह राठौड़ युवा अधिवक्ताओं के बीच मजबूत पकड़ रखते हैं।
सुखाराम मेघवाल और सकीना की उपस्थिति ने मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है, जिससे चुनाव परिणाम और भी अप्रत्याशित होते जा रहे हैं।
समर्थकों ने की लगातार अपील, कई अधिवक्ता तटस्थ
चुनाव से पहले सभी उम्मीदवारों ने अधिवक्ताओं से मुलाकात कर समर्थन मांगा, लेकिन कई अधिवक्ता ऐसे भी रहे जो किसी भी प्रत्याशी का खुलकर समर्थन नहीं कर रहे हैं।
ऐसे तटस्थ मतदाता ही चुनाव का असली रुख तय करेंगे, क्योंकि अंतिम समय में लिया गया हर फैसला निर्णायक साबित हो सकता है।
निष्कर्ष
बार एसोसिएशन अध्यक्ष पद का यह चुनाव न केवल अनुभव और युवा नेतृत्व के बीच का मुकाबला है, बल्कि बदलते पेशेवर माहौल में अधिवक्ताओं की प्राथमिकताओं को भी दिखाता है। मतदान समाप्त होने के बाद परिणामों का बेसब्री से इंतजार रहेगा। अधिवक्ताओं का मानना है कि जो भी उम्मीदवार इस बार अध्यक्ष बनेगा, उससे संगठन में पारदर्शिता, बेहतर सुविधा और मजबूत नेतृत्व की उम्मीद की जा रही है।

