ईद-उल-अज़हा 2025: दिल्ली सरकार ने बकरीद पर जारी की एडवाइजरी, कई तरह की कुर्बानी पर पाबंदी
दिल्ली सरकार ने बकरीद (ईद-उल-अज़हा) 2025 को लेकर एक आधिकारिक एडवाइजरी जारी की है, जिसमें कुछ खास प्रतिबंधों का उल्लेख किया गया है। एडवाइजरी के अनुसार, गायों, बछड़ों, ऊंटों और अन्य प्रतिबंधित जानवरों की कुर्बानी पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि इन जानवरों की कुर्बानी करना अपराध माना जाएगा।
दिल्ली सरकार में मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा है कि त्योहार के दौरान किसी भी तरह की अवैध कुर्बानी या पशु क्रूरता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एडवाइजरी का सख्ती से पालन अनिवार्य है और इसका उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एडवाइजरी में यह भी स्पष्ट किया गया है कि किसी भी सार्वजनिक स्थान जैसे सड़क किनारे, गलियों, पार्कों या अन्य खुले इलाकों में कुर्बानी देना सख्त रूप से प्रतिबंधित है। कुर्बानी केवल प्रशासन द्वारा निर्धारित और अधिकृत स्थानों पर ही की जा सकेगी।
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इसके अलावा, दिल्ली सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कुर्बानी के वीडियो या तस्वीरें साझा न करें, क्योंकि इससे धार्मिक भावनाएं आहत हो सकती हैं और सामाजिक तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
गौरतलब है कि गाय और ऊंट की कुर्बानी पर यह प्रतिबंध भारत के विभिन्न कानूनों जैसे पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960, पशु परिवहन नियम 1978 और खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम 2006 के प्रावधानों के आधार पर लगाया गया है। इन जानवरों को खाद्य पशुओं की श्रेणी में शामिल नहीं किया गया है, इसलिए इनकी कुर्बानी अवैध मानी जाती है।
महाराष्ट्र में भी उठा विवाद
बकरीद को लेकर महाराष्ट्र में भी राजनीतिक बहस तेज हो गई है। हाल ही में राज्य सरकार और गौ सेवा आयोग के कथित सुझाव के अनुसार बकरीद पर पशु वध पर प्रतिबंध लगाने की बात सामने आई थी। हालांकि, समाजवादी पार्टी के नेता अबू आज़मी ने दावा किया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उन्हें आश्वासन दिया है कि बकरीद पर परंपरागत कुर्बानी की अनुमति इस बार भी दी जाएगी और पशु बाजार बंद करने का प्रस्ताव भी वापस ले लिया गया है।
इस पूरी स्थिति में प्रशासनिक स्पष्टता और कानून के पालन की आवश्यकता को दोहराया गया है, ताकि त्योहार शांतिपूर्वक और सामंजस्यपूर्ण वातावरण में मनाया जा सके।
