Khabar21
  • होम
  • बीकानेर
  • राजस्थान
  • देश-दुनिया
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • धार्मिक
  • करियर
  • खेल
Reading: ऑपरेशन सिंदूर के तहत 2000 से ज्यादा बांग्लादेशी प्रवासी निष्कासित
Share
Aa
Aa
Khabar21
  • होम
  • बीकानेर
  • राजस्थान
  • देश-दुनिया
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • धार्मिक
  • करियर
  • खेल
Search
  • होम
  • बीकानेर
  • राजस्थान
  • देश-दुनिया
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • धार्मिक
  • करियर
  • खेल
Follow US
Khabar21 > Blog > देश-दुनिया > ऑपरेशन सिंदूर के तहत 2000 से ज्यादा बांग्लादेशी प्रवासी निष्कासित
देश-दुनिया

ऑपरेशन सिंदूर के तहत 2000 से ज्यादा बांग्लादेशी प्रवासी निष्कासित

editor
editor Published June 2, 2025
Last updated: 2025/06/02 at 9:54 AM
Share
SHARE
Chat on WhatsApp
Share News

ऑपरेशन सिंदूर: केंद्र की बड़ी कार्रवाई, 2000 से अधिक बांग्लादेशी प्रवासी निष्कासित

अवैध प्रवास के खिलाफ केंद्र सरकार की सख्ती अब ज़मीन पर नजर आने लगी है। 7 मई से चल रहे “ऑपरेशन सिंदूर” के तहत अब तक 2,000 से अधिक कथित अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों को भारत से वापस बांग्लादेश भेजा जा चुका है। यह जानकारी एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने दी है।

ऑपरेशन सिंदूर के तहत देशभर में दस्तावेज़ों की व्यापक जांच और पहचान अभियान चलाया जा रहा है। इसके बाद जिन्हें अवैध प्रवासी पाया गया, उन्हें भारत-बांग्लादेश सीमा पर भेजा गया।

स्वेच्छा से सीमा पार कर रहे कई प्रवासी
इस कार्रवाई से उपजे भय के कारण कई प्रवासी खुद ही सीमा की ओर जा रहे हैं। सरकारी सूत्रों के अनुसार, लगभग 2,000 लोग बिना किसी औपचारिक निष्कासन प्रक्रिया के खुद ही बांग्लादेश लौट चुके हैं।

- Advertisement -

तीन पूर्वोत्तर राज्यों में फोकस
ऑपरेशन सिंदूर मुख्यतः त्रिपुरा, मेघालय और असम जैसे सीमावर्ती राज्यों में केंद्रित है, जहां से बांग्लादेशी प्रवासियों को वापस भेजना अपेक्षाकृत आसान है। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, अप्रैल में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद केंद्र सरकार ने प्रवासी सुरक्षा और घुसपैठ के मुद्दे को लेकर विशेष अभियान की रणनीति तैयार की थी।

गुजरात से सबसे अधिक निष्कासन
इस अभियान की शुरुआत गुजरात से हुई, जहां सबसे पहले प्रवासियों की पहचान की गई और निष्कासन की प्रक्रिया तेज़ की गई। अब तक जिन प्रवासियों को निकाला गया है, उनमें से लगभग आधे गुजरात से हैं। इसके अलावा दिल्ली, हरियाणा, असम, महाराष्ट्र और राजस्थान जैसे राज्यों से भी बड़ी संख्या में लोग वापस भेजे गए हैं।

औद्योगिक राज्यों पर भी नजर
एक वरिष्ठ सरकारी सूत्र के अनुसार, जिन राज्यों में औद्योगिक गतिविधियां अधिक हैं, जैसे दिल्ली, हरियाणा और महाराष्ट्र, वहां प्रवासियों की संख्या अधिक पाई गई है। ऐसे में इन क्षेत्रों में कार्रवाई और तेज़ की जा रही है।

बीएसएफ शिविरों से व्यवस्था के बाद सीमा पार भेजे जा रहे
सूत्रों के अनुसार, प्रवासियों को भारतीय वायुसेना के विमानों से उनके संबंधित राज्यों से सीमा तक लाया जा रहा है। वहां बीएसएफ द्वारा संचालित शिविरों में उन्हें भोजन, पानी और कुछ बांग्लादेशी मुद्रा दी जाती है, ताकि वे सीमा पार कर सकें। कुछ घंटों की औपचारिक हिरासत के बाद इन्हें उनके देश लौटा दिया जाता है।

यह कार्रवाई केंद्र सरकार के अवैध प्रवास पर सख्त रुख और सुरक्षा नीति की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।


Share News

editor June 2, 2025
Share this Article
Facebook TwitterEmail Print

Latest Post

स्कूटी योजना में बड़ा बदलाव, अब छात्राओं को सीधे खाते में मिलेगी राशि
बीकानेर
बीकानेर के पारीक मोहल्ले में जल संकट गहराया, गंदे पानी से बढ़ी परेशानी
बीकानेर
पुराने एंड्रॉयड फोन्स पर WhatsApp होगा बंद, 8 सितंबर 2026 से बड़ा बदलाव
देश-दुनिया
राजस्थान में मौसम सुहाना, आंधी-बारिश से तापमान में गिरावट
बीकानेर
बीकानेर कलेक्ट्रेट को बम धमकी से हड़कंप, प्रशासन अलर्ट
बीकानेर
पीबीएम अस्पताल में नेत्र मशीन दो साल से बंद, मरीज परेशान
बीकानेर
नापासर में बस संचालन बदला, यात्रियों की बढ़ी परेशानी
बीकानेर
मजदूर दिवस पर रेलकर्मियों का सम्मान, बीकानेर में आयोजित समारोह
बीकानेर

You Might Also Like

देश-दुनिया

पुराने एंड्रॉयड फोन्स पर WhatsApp होगा बंद, 8 सितंबर 2026 से बड़ा बदलाव

Published May 6, 2026
देश-दुनिया

तमिलनाडु में विजय की एंट्री से बदला खेल, बंगाल में BJP बढ़त

Published May 4, 2026
देश-दुनिया

भारत ने लॉन्च किया दुनिया का पहला ऑप्टो-SAR सैटेलाइट, स्पेस में बड़ी छलांग – National News

Published May 3, 2026
देश-दुनिया

पश्चिम बंगाल में चुनावी तनाव, फाल्टा में विरोध और 285 बूथों पर दोबारा मतदान

Published May 3, 2026
Khabar21
Follow US

© Copyright 2022, All Rights Reserved Khabar21 | Designed by Uddan Promotions Pvt. Ltd.

  • About Us
  • Contact Us
  • Disclaimer
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions
1520138487750

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?