सोमवार का दिन महादेव और मां पार्वती की पूजा-अर्चना के लिए बहुत शुभ माना जाता है। इस दिन साधक शिव जी की कृपा प्राप्ति के लिए व्रत करते हैं और विशेष चीजों का दान करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि ऐसा करने से साधक के विवाह में आ रही बाधा दूर होती है। अगर आप भी महादेव का आशीर्वाद प्राप्त करना चाहते हैं. तो इस दिन शिव स्तुति (Shiv Stuti Lyrics) का पाठ करें। ऐसा करने से सुख-सौभाग्य में वृद्धि होती है।
॥शिव स्तुति मंत्र ।।
पशूनां पतिं पापनाशं परेशं गजेन्द्रस्य कृत्तिं वसानं
वरेण्यम।
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जटाजूटमध्ये स्फुरद्वाङ्गवारिं महादेवमेकं स्मरामि
स्मटाटिम ॥। महेशं सुरेशं सुरारातिनार्थ विभुं विश्वनाथ
विभूत्यङ्गभूषम्।l
विरुपाक्षमिन्द्वर्कवहिनेत्रिनेत्रं सदानन्दमीडे प्रभु पञ्चवक्त्रम् । 2।
गिरीश गणेश गले नीलवर्ण गवेन्द्राधिरुडं
गुणातीतरूपम्।
भवं भास्वरं भस्मना भूषिताङ्ग भवानीकलत्रं भजे
पञ्चवक्त्रमा ३।
शिवाकान्त शंभो शशाङ्कार्थमौले महेशान
शूलिन्ञ्जटाजूटधारिन्।
त्वमेको जगद्व्यापको विश्वरुपः प्रसीद प्रसीद प्रभो पूर्णठप।4।
परात्मानमेकं जगड्डीजमाद्यं निरीहं
निराकारमोंकारवेद्यम्।
यतो जायते पाल्यते येन विश्व तमीशं भजे लीयते यत्र
विश्वम् ।5।
न भूमिर्न चापो न वहिनर्न वायुर्न चाकाशमास्ते न तन्द्रा न निद्रा।
न गृष्मो न शीतं न देशो न वेषो न यस्यास्ति
मूर्तिस्त्रिमूर्ति तमीड ।6।
अजं शाश्वतं कारणं कारणानां शिवं केवलं भासक भासकानाम् ।
तुरीयं तमः पारमाद्यन्तहीनं प्रपद्ये परं पावनं द्वैतहीनम।
नमस्ते नमस्ते विभो विश्वमूर्ते नमस्ते नमस्ते
चिदानन्दमूर्ते।
नमस्ते नमस्ते तपोयोगगम्य नमस्ते नमस्ते
श्रुतिज्ञानगम् ।8।
प्रभो शूलपाणे विभो विश्वनाथ महादेव शंभो महेश त्रिनेत्।
शिवाकान्त शान्त स्मटाटे पुरारे त्वदन्यो वरेण्यो न
मान्यो न गण्यः 191
शंभो महेश करुणामय शूलपाणे गौरीपते पशुपते
पशुपाथनाशिन्।
काशीपते करुणया जगदेतदेक-स्त्त्वंहंसि पासि
विदधासि महेश्वरोऽसि ॥०।
त्वत्तो जगद्भवति देव भव स्मरारे त्वय्येव तिष्ठति जगन्मृड विश्वनाथ।
त्वय्येव गच्छति लयं जगदेतदीश लिङ्गात्मके हर चराचरविश्वरुपिन ।
