नागौर के पादूकलां कस्बे में शनिवार रात 20 साल के बेटे ने अपने मां-पिता और बहन की कुल्हाड़ी से वार कर हत्या कर दी। हत्यारा बेटा खुद ही सरेंडर करने थाने पहुंच गया और वारदात को कबूल कर लिया। प्राइमरी इन्वेस्टिगेशन में ये सामने आया है कि आरोपी ने एक महीने पहले भी हत्या की साजिश रची थी, लेकिन 7 कामयाब नहीं हुआ।
उसे मोबाइल चलाने की इतनी लत लग चुकी थी कि 24 में से 20 घंटे मोबाइल में गेम खेलता रहता था। जब पुलिस ने उसके मोबाइल की सर्च हिस्ट्री खंगाली तो चौंक गई। उसने मर्डर के बाद मोबाइल में सुसाइड करने के तरीके भी सर्च किए थे। उसने पुलिस को बताया कि इस मर्डर के बाद उसे कोई पछतावा नहीं है।
आस-पड़ोस में रहने वाले लोग उस युवक को साइको बता रहे हैं। ऐसे में अब भी सबसे बड़ा सवाल यही बना हुआ है कि आखिर सेकेंड ईयर में पढ़ने वाले एक 20 साल के युवक ने अपने मां-पिता और बहन की हत्या क्यों की?
…. क्या मर्डर की लाइव टास्क मिली?
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आस-पड़ोस के लोगों से बात करने पर पता चला कि आरोपी मोहित साइको टाइप का है। उसके पिता दिलीप सिंह ज्वेलर थे। मोहित भी उसी शॉप पर बैठता था। वो अक्सर मोबाइल में बिजी रहता था। गली में उसका कोई दोस्त भी नहीं था । न ही वो ज्यादा किसी से बात करता था। उसे लोग जब भी देखते, हमेशा मोबाइल पर गेम खेलते मिलता था।
मोहित को जानने वाले कई लोगों ने ऑफ कैमरा ये बताया कि वो मोबाइल पर भारत में बैन कई गेम खेलता था। उन्होंने सुना था कि उन गेम में कई बार प्लेयर को अलग-अलग खतरनाक टास्क मिलती हैं। मोहित ने पूरे परिवार की हत्या को अंजाम दिया, इसके बाद खुद सुसाइड का प्रयास किया। कामयाब नहीं हुआ तो थाने सरेंडर करने पहुंच गया।
उसके इस कदम से ये संदेह होता है कि कहीं उसे ऑनलाइन गेम में कहीं लाइव मर्डर की टास्क तो नहीं मिली थी, जिसे उसने अंजाम दे दिया? इसके बाद सुसाइड की भी टास्क मिली, जिसमें वो फेल हो गया हो और सरेंडर करने थाने चला गया। हालांकि अभी पुलिस इसे लेकर कोई ज्यादा खुलासा नहीं कर रही है।
मरने के लिए टेक में भी कूदा
इसके बाद हत्यारा बेटा मोहित रात भर अपने मोबाइल में सुसाइड करने के तरीके गूगल पर सर्च करता रहा। पुलिस जांच में उसके मोबाइल की सर्च हिस्ट्री में भी इस बात की तस्दीक हुई है। वो मरने से डर रहा था इसलिए उसने ये चेक किया कि हाथ की नस काटने से आदमी कितनी देर में मरता है और पानी में डूबने से आदमी कैसे मरता है। आखिरकार सुबह होते-होते वो इसे अंजाम देने के लिए अपने घर के पानी के टैंक में कूद भी गया, लेकिन बच गया। थोड़ी देर बाद वह पानी से बाहर निकल गया।
इसके बाद रविवार सुबह जब दूध देने वाला आया तो मोहित ने उससे कहा कि आज दूध नहीं लेना है, क्योंकि घरवाले बाहर गए हुए हैं। इसके बाद मोहित घर से बिस्किट खाते-खाते पादूकलां थाने पर पहुंच गया। वहां जाकर उसने गेट पर बैठे कॉन्स्टेबल से एसएचओ के लिए पूछा। यहां वो कॉन्स्टेबल के साथ हाथापाई भी करने लग गया था। इसके बाद उसने पूरी घटना बता दी।
पुलिस ने उसको पानी से भीगा हुआ देखा और घटना के बारे में सुना तो हक्के-बक्के रह गए। तुरंत ही एसएचओ मानवेन्द्र सिंह जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। वहीं हत्यारे मोहित को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी
पहले मां और बहन को मारा, फिर पिता को चौक में लाकर काटा
हत्यारे मोहित ने सबसे पहले रात में कमरे में सो रही अपनी मां राजेश कंवर और प्रियंका कंवर को नींद में सोते हुए कुल्हाड़ी से वार कर मार दिया। इसके बाद उनके लहूलुहान शव लाकर चौक में पटक दिए। मां और बहन की चीखें सुनकर अलग कमरे में सो रहे पिता दिलीप सिंह जाग गए। वो बाहर चौक में आकर कुछ कर पाते, उससे पहले ही मोहित ने उन पर भी कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ वार कर दिए ।
वो बचने के लिए सीढ़ियों की तरफ भागे, लेकिन मोहित के ताबड़तोड़ वार ऐसे थे कि वो निढाल होकर नीचे गिर गए । कुल्हाड़ी के वार इतने जोरदार थे कि दिलीप सिंह, राजेश कंवर और प्रियंका के शरीर से खून की पिचकारियां छूट गईं और घर में चारों और खून ही खून बिखर गया। दीवारों पर 10-12 फीट तक खून के छींटे उछले। इसके बाद मोहित तीनों मां-पिता और बहन के शव चौक में लाया और वहीं बैठ गया।
एक महीने पहले भी बनाया था हत्या का प्लान
मृतक दिलीप सिंह 15 साल पहले अपनी बेटी प्रियंका कंवर के जन्म के बाद चेन्नई चले गए थे। साल भर पहले ही पूरा परिवार पादूकलां में लौटकर सेटल हुआ था। यहां वो ज्वेलर्स शॉप चलाते थे। मोहित सेकेंड ईयर में पढ़ाई कर रहा है और उनकी दुकान पर ही बैठता था। पुलिस ने जब मोहित से पूछताछ की तो उसमें यह बात सामने आई है कि उसने महीने भर पहले ही पिता दिलीप सिंह की हत्या का प्लान बनाया था, लेकिन तब वो फेल हो गया था। उसने ये प्लानिंग किस तरह से की, आखिर वो हत्या क्यों करना चाहता था, इसका खुलासा पुलिस के आगे के इन्वेस्टिगेशन में ही हो सकेगा।
परिवार में आरोपी के सिवाए कोई नहीं बचा, शवों पर 5 से 6 सेमी गहरे घाव थे
हत्यारे मोहित के परिवार में पिता दिलीप सिंह, मां राजेश कंवर और दिव्यांग बहन प्रियंका ही थी। मृतक दिलीप सिंह के 3 भाई है, लेकिन वो अलग रहते है। मोहित की दादी भी दूसरे भाइयों के पास रहती है। ऐसे में अब मृतक दिलीप सिंह के परिवार में हत्यारे मोहित के सिवाए कोई नहीं बचा है। वहीं पादु कलां में हुए इस जघन्य हत्याकांड के बाद दिनभर गांव के सभी बाजार बंद रहे। शाम में जब तीन अर्थियां एक साथ निकली तो हर कोई गमगीन था। अंतिम संस्कार के बाद गांव के बाजार खुले। शवों का पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर एसआर इनाणिया और डॉक्टर अनुराधा पिलानिया ने बताया कि तीनों शवों पर बारी-बारी 8 से 10 वार किए गए है। सभी घाव 5 से 6 सेमी तक गहरे है ।
हत्यारे बेटे को कोई पछतावा नहीं
नागौर एसपी नारायण टोगस ने बताया कि हत्यारे मोहित (20) से पूछताछ की जा रही है। उसके मोबाइल में सुसाइड करने के तरीकों को सर्च करने की हिस्ट्री भी मिली है। मां-पिता और बहन की हत्या के बाद उसने रात में ही घर में बने टैंक में कूदकर सुसाइड का प्रयास भी किया, लेकिन कामयाब नहीं हुआ। आरोपी को हत्या का कोई पछतावा नहीं है। हाव-भाव से मानसिक रूप से अस्थिर लग रहा है।
