अनूपगढ। अनूपगढ़ के राजकीय चिकित्सालय में चिकित्सकों की कमी के चलते मरीज काफी परेशान है क्योंकि 2 चिकित्सक अवकाश पर हैं। जबकि एक चिकित्सक की शिविर में ड्यूटी है। मात्र 2 चिकित्सक ही अनूपगढ़ के राजकीय चिकित्सालय में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। अनूपगढ़ के राजकीय चिकित्सालय में प्रतिदिन 600 से 650 तक की ओपीडी रहती है जबकि शिविर में लगभग 50 से 70 मरीजों की जांच की जा रही है। वही शिविर के कारण लैब में भी कार्य प्रभावित हो रहा है।
मरीज हो रहे है परेशान
अनूपगढ़ के सरकारी अस्पताल में पहुंचे मरीजों ने बताया कि आज चिकित्सालय में केवल दो ही चिकित्सक हैं। चिकित्सकों की कमी के कारण उन्हें काफी परेशान होना पड़ता है और घंटों लाइन में खड़े रहना पड़ रहा है। दवा वितरण केंद्र पर दो फार्मासिस्ट है जिनमें से एक फार्मासिस्ट की ड्यूटी शिविर में लगी है। सरकारी अस्पताल में मात्र एक फार्मासिस्ट के द्वारा ही दवाओं का वितरण किया जा रहा है जिससे मरीजों को काफी इंतजार करना पड़ रहा है।
प्रतिदिन 600 से अधिक रहती है ओपीडी
अनूपगढ़ के राजकीय चिकित्सालय में प्रतिदिन 600 से 650 तक की ओपीडी रहती है मगर पर्याप्त संख्या में चिकित्सक नहीं होने के कारण मरीजों को काफी परेशानी होती है। कई बार मरीजों को निराश और मायूस होकर भी लौटना पड़ता है।
सरकारी अस्पताल में केवल 5 चिकित्सक कार्यरत, आज दो उपस्थित
राजकीय चिकित्सालय के प्रभारी डॉ राहुल जैन ने बताया कि अनूपगढ़ के राजकीय चिकित्सालय में केवल 5 चिकित्सक कार्यरत हैं जिनमें से 2 चिकित्सक अति आवश्यक कार्य को लेकर अवकाश पर हैं और डॉक्टर विकास टंडन की ड्यूटी शिविर में है इसलिए आज राजकीय चिकित्सालय में डॉ ईशु अग्रवाल और वह खुद मरीजों जांच कर रहे हैं।
लैब में जांच हो रही है प्रभावित
प्रभारी डॉ राहुल जैन ने बताया कि लैब में 3 लैब टेक्नीशियन है। तीन लैब टेक्नीशियनों में से दो की ड्यूटी शिविर में लगी होने के कारण मात्र एक लैब टेक्नीशियन ही लैब में अपनी ड्यूटी कर रहा है। मिली जानकारी के अनुसार प्रतिदिन लैब में लगभग 300 से अधिक जांच की जा रही है मगर एक लैब टेक्नीशियन होने के कारण जांचे भी प्रभावित हो रही हैं।
अनूपगढ़ के चिकित्सालय में चिकित्सकों की मांग को लेकर क्षेत्र के लोग कई बार आंदोलन कर चुके हैं। लगभग 15 वर्षों से अनूपगढ़ के राजकीय चिकित्सालय में चिकित्सकों की कमी चल रही है मगर किसी भी सरकार ने इस ओर ध्यान नहीं दिया है।
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