जयपुर। राजस्थान के सरकारी स्कूलों में लंबे समय से अनुपस्थित शिक्षकों के मामलों को लेकर शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने प्रदेशभर के संभागीय कार्यालयों से ऐसे शिक्षकों का विस्तृत रिकॉर्ड तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश जारी किए हैं। माना जा रहा है कि इस प्रक्रिया के बाद विभाग राज्य स्तर पर समीक्षा कर आवश्यक प्रशासनिक और अनुशासनात्मक कार्रवाई कर सकता है।
संयुक्त निदेशक (कार्मिक) की ओर से जारी आदेश में सभी संभागीय संयुक्त निदेशकों को निर्धारित प्रारूप में जानकारी भेजने के निर्देश दिए गए हैं। इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जल्द रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है।
अनुपस्थित शिक्षकों की मांगी गई पूरी जानकारी
निदेशालय ने निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक संभाग उन शिक्षकों का पूरा विवरण उपलब्ध कराए जो लंबे समय से विद्यालयों में अनुपस्थित हैं। रिपोर्ट में शिक्षक का नाम, विषय, वर्तमान पदस्थापन स्थल, अनुपस्थिति की अवधि और अनुपस्थिति का कारण स्पष्ट रूप से दर्ज करना अनिवार्य होगा।
विभाग का उद्देश्य राज्यभर में ऐसे मामलों का वास्तविक आंकड़ा जुटाना है, ताकि आगे की कार्रवाई तथ्यों के आधार पर की जा सके।
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रिपोर्ट के आधार पर हो सकती है अनुशासनात्मक कार्रवाई
शिक्षा विभाग के इस कदम को लंबे समय से बिना अनुमति या अन्य कारणों से ड्यूटी से दूर रहने वाले शिक्षकों के खिलाफ संभावित कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर विभाग सेवा नियमों के अनुसार प्रशासनिक और अनुशासनात्मक निर्णय ले सकता है।
शिक्षकों की कमी और रिक्त पदों का होगा आकलन
विभागीय सूत्रों के अनुसार, इस अभियान का उद्देश्य केवल अनुपस्थित शिक्षकों की पहचान करना ही नहीं, बल्कि स्कूलों में शिक्षकों की वास्तविक उपलब्धता का आकलन करना भी है।
इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि किन विद्यालयों में शिक्षकों की कमी है, किन पदों पर लंबे समय से कार्य नहीं हो रहा है और कहां अतिरिक्त व्यवस्था की आवश्यकता है।
तबादलों के बाद समायोजन में मिलेगी मदद
हाल ही में हुए शिक्षक तबादलों के बाद कई स्थानों पर दोहरे पदस्थापन और रिक्त पदों जैसी स्थितियां सामने आई हैं। ऐसे में लंबे समय से अनुपस्थित शिक्षकों का रिकॉर्ड तैयार होने से स्थानांतरित शिक्षकों के समायोजन और पदस्थापन प्रक्रिया को व्यवस्थित करने में सहायता मिलेगी।
आदेश में उद्देश्य स्पष्ट नहीं, लेकिन बढ़ी हलचल
हालांकि, शिक्षा निदेशालय द्वारा जारी आदेश में जानकारी मांगने का स्पष्ट कारण नहीं बताया गया है, लेकिन तत्काल रिपोर्ट तलब किए जाने से संकेत मिल रहे हैं कि विभाग इस पूरे मामले को गंभीरता से ले रहा है। सभी संभागों से रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की रणनीति और कार्रवाई तय की जाएगी।
