बीकानेर। बीकानेर जिले की राजनीति में रविवार को उस समय हलचल तेज हो गई, जब कांग्रेस ने कोलायत क्षेत्र के वरिष्ठ नेता श्याम सिंह भाटी को जिला उपाध्यक्ष पद से हटा दिया। हाल ही में घोषित बीकानेर देहात कांग्रेस की नई कार्यकारिणी में उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी, लेकिन महज छह दिन बाद ही पार्टी ने उन्हें पदमुक्त कर दिया।
कांग्रेस संगठन की ओर से जारी निर्णय के बाद राजनीतिक गलियारों में इस कदम को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। हालांकि, पार्टी की ओर से अभी तक पदमुक्त किए जाने का कोई आधिकारिक कारण सार्वजनिक नहीं किया गया है।
छह दिन पहले मिली थी नई जिम्मेदारी
बीकानेर देहात कांग्रेस की नई कार्यकारिणी का गठन कुछ दिन पहले ही किया गया था। इसमें श्याम सिंह भाटी को जिला उपाध्यक्ष बनाया गया था। संगठन में उनकी नियुक्ति को कोलायत क्षेत्र में कांग्रेस के संगठनात्मक संतुलन के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा था।
लेकिन नियुक्ति के कुछ ही दिनों बाद उन्हें पद से हटाने का फैसला कई सवाल खड़े कर रहा है।
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मंत्री सुमित गोदारा के साथ दिखने पर तेज हुई चर्चाएं
रविवार को श्याम सिंह भाटी राज्य सरकार में मंत्री सुमित गोदारा के साथ ट्रैक्टर पर नजर आए थे। इस तस्वीर के सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में कई तरह की अटकलें लगनी शुरू हो गई थीं। इसी बीच कांग्रेस द्वारा उन्हें पदमुक्त किए जाने से चर्चाओं को और बल मिल गया।
हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि मंत्री के साथ सार्वजनिक रूप से दिखाई देना इस फैसले का कारण है या इसके पीछे कोई अन्य संगठनात्मक या राजनीतिक वजह है।
अभी तक नहीं आया श्याम सिंह भाटी का बयान
पद से हटाए जाने के बाद श्याम सिंह भाटी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। उनके समर्थक भी फिलहाल इस मामले पर खुलकर कुछ नहीं कह रहे हैं।
डूडी खेमे के करीबी माने जाते हैं भाटी
श्याम सिंह भाटी को लंबे समय से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी के करीबी नेताओं में गिना जाता रहा है। ऐसे में उनके पदमुक्त होने को लेकर संगठन के भीतर भी अलग-अलग राजनीतिक समीकरणों की चर्चा हो रही है।
फिलहाल कांग्रेस नेतृत्व की ओर से इस निर्णय के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं की गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर पार्टी और श्याम सिंह भाटी की प्रतिक्रिया पर सभी की नजर रहेगी।
