बीकानेर में करीब 11 वर्षों तक बिना सूचना के अनुपस्थित रहने वाली एक महिला शिक्षक को दोबारा नियुक्ति देने के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। इस प्रकरण में जिला शिक्षा अधिकारी किशनदान चारण की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पहले से जांच के दायरे में चल रहे मामले में अब प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने दोबारा जांच के आदेश जारी किए हैं।
निदेशालय ने मामले को गंभीर मानते हुए बीकानेर संभाग के संयुक्त निदेशक (स्कूल शिक्षा) को तीन दिन के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, यदि जांच में कोई अधिकारी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव भी भेजने को कहा गया है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि संबंधित शिक्षिका पिछले 11 वर्षों से बिना किसी पूर्व सूचना या अनुमति के अनुपस्थित थी। सेवा नियमों के अनुसार इतनी लंबी अवधि तक अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई या सेवा समाप्ति की प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए थी।
हालांकि, शिकायत के अनुसार कार्रवाई करने के बजाय जिला शिक्षा अधिकारी किशनदान चारण ने संबंधित शिक्षिका को राहत देते हुए बीकानेर शहर के एक प्रतिष्ठित विद्यालय में पदस्थापित कर दिया। इसी निर्णय को लेकर पहले भी शिकायतें दर्ज कराई गई थीं और मामला जांच के अधीन है।
