राजस्थान में देर से पहुंचा मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो गया है और राज्य के कई हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है। गुरुवार शाम से शुरू हुआ बारिश का सिलसिला शुक्रवार को भी जारी रहा। राजधानी जयपुर समेत कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई, जबकि चित्तौड़गढ़ में रातभर में करीब ढाई इंच वर्षा हुई। भीलवाड़ा में सुबह हुई तेज बारिश से कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई।
मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए कोटा, बारां और झालावाड़ जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं, जैसलमेर को छोड़कर पूरे प्रदेश में येलो अलर्ट लागू है। विभाग के अनुसार, अगले दो सप्ताह तक राजस्थान में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। लगातार हो रही वर्षा के कारण दिन के तापमान में करीब चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है।
गुरुवार को भी राज्य के 16 से अधिक जिलों में दो इंच तक बारिश रिकॉर्ड की गई। इस बीच डूंगरपुर में आकाशीय बिजली गिरने से दो नाबालिग भाई झुलस गए, जिनमें से एक की इलाज के दौरान मौत हो गई।
इस बार राजस्थान में मानसून की एंट्री बंगाल की खाड़ी से आने वाली शाखा के माध्यम से हुई है। यह शाखा ओडिशा, बिहार, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश से होकर प्रदेश के पूर्वी जिलों—कोटा, बारां और झालावाड़—तक पहुंची। दक्षिण-पश्चिम मानसून फिलहाल भरतपुर, कोटा, बारां सहित 13 जिलों के कुछ हिस्सों को कवर कर चुका है।
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पिछले 13 वर्षों में यह तीसरा अवसर है जब मानसून ने जुलाई में राजस्थान में दस्तक दी है। इससे पहले 2014 और 2019 में भी मानसून जुलाई में पहुंचा था। हालांकि, दोनों वर्षों में देर से आगमन के बावजूद प्रदेश में सामान्य से अच्छी बारिश दर्ज की गई थी।
