बीकानेर की विशेष पॉक्सो अदालत ने नाबालिग बालिका से दुष्कर्म के मामले में आरोपी को दोषी करार देते हुए सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी पर 70 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इसके अलावा पीड़िता के पुनर्वास के लिए एक लाख रुपये अतिरिक्त प्रतिकर देने की अनुशंसा की गई है।
विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) डॉ. मनीषा चौधरी ने आरोपी मेघाराम पुत्र ईश्वरराम को पॉक्सो अधिनियम, 2012 की धारा 9(क)/10 के तहत दोषी मानते हुए यह फैसला सुनाया। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि आरोपी जुर्माना जमा नहीं करता है, तो उसे अतिरिक्त कारावास की सजा भी भुगतनी होगी।
न्यायालय ने यह भी निर्देश दिया कि अनुसंधान और न्यायिक अभिरक्षा के दौरान जेल में बिताई गई अवधि को सजा की अवधि में समायोजित किया जाएगा।
मामले की सुनवाई के दौरान विशिष्ट लोक अभियोजक शिवचंद भोजक ने अदालत के समक्ष 20 गवाहों के बयान और 30 दस्तावेजी साक्ष्य पेश किए। उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।
