बीकानेर के आस्था केंद्र श्री लक्ष्मीनाथ जी मंदिर में निर्जला एकादशी का पर्व गुरुवार को श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया। सुबह तड़के से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया और दोपहर तक दर्शनार्थियों की लंबी कतारें लगी रहीं। विशेष रूप से महिलाओं की भारी भीड़ ने मेले को भक्ति रंग में सराबोर कर दिया।
सुबह से लगी श्रद्धालुओं की कतारें
निर्जला एकादशी के अवसर पर सुबह 5 बजे से पहले ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचने लगे थे। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिलीं।
महिलाओं की संख्या पुरुषों की तुलना में अधिक रही। श्रद्धालु परिवार सहित मंदिर पहुंचे और भगवान श्री लक्ष्मीनाथ जी के दर्शन कर सुख-समृद्धि एवं परिवार की खुशहाली की कामना की।
पारंपरिक श्रद्धा का दिखा अनूठा स्वरूप
महिलाएं सिर पर मटकी और हाथों में सेवई, आम, पंखी, ओले, छलनी तथा वस्त्र लेकर भजन-कीर्तन और हरजस गाते हुए मंदिर पहुंचीं। पूरे मार्ग में धार्मिक वातावरण बना रहा और जयकारों से मंदिर परिसर गूंज उठा।
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दर्शन के बाद श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर स्थित पार्क में फव्वारों और झूलों का भी आनंद लिया।
सुरक्षा व्यवस्था रही चाक-चौबंद
निर्जला एकादशी मेले को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने विशेष सुरक्षा व्यवस्था की थी। मंदिर क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पुलिसकर्मी लगातार तैनात रहे।
भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए प्रशासनिक स्तर पर विशेष निगरानी रखी गई।
खोया-पाया केंद्र ने निभाई अहम भूमिका
मेले के दौरान समिति द्वारा संचालित खोया-पाया केंद्र ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आयोजन के दौरान बिछड़े तीन बच्चों को उनके परिजनों से सुरक्षित मिलवाया गया।
इसके अलावा:
- दो खोए हुए पर्स वापस लौटाए गए।
- दो मोबाइल फोन उनके मालिकों को सौंपे गए।
इस व्यवस्था की श्रद्धालुओं ने सराहना की।
स्वयंसेवकों ने संभाली व्यवस्थाएं
मंदिर समिति और स्वयंसेवकों ने दर्शन व्यवस्था, जूता-चप्पल सेवा, शीतल जल वितरण और श्रद्धालुओं के मार्गदर्शन में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
श्रद्धालुओं को व्यवस्थित रूप से दर्शन कराने के लिए अलग-अलग टीमों का गठन किया गया था, जिन्होंने पूरे दिन सेवाएं दीं।
शर्बत और शीतल जल की व्यवस्था
भीषण गर्मी को देखते हुए श्रद्धालुओं के लिए शर्बत और ठंडे पेयजल की विशेष व्यवस्था की गई। बड़ी संख्या में लोगों ने इस सेवा का लाभ उठाया।
स्वयंसेवकों ने लगातार श्रद्धालुओं को जल और शर्बत उपलब्ध कराकर सेवा भाव का परिचय दिया।
प्रशासन और विभागों का जताया आभार
मंदिर समिति ने मेले के सफल आयोजन में सहयोग देने वाले जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, देवस्थान विभाग, नगर निगम, जलदाय विभाग और विद्युत विभाग सहित सभी संबंधित संस्थाओं का आभार व्यक्त किया।
समिति का कहना है कि सभी विभागों के समन्वय और सहयोग से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकीं।
निष्कर्ष
श्री लक्ष्मीनाथ जी मंदिर में मनाया गया निर्जला एकादशी महोत्सव श्रद्धा, सेवा और सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं का उत्कृष्ट उदाहरण रहा। हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति के बावजूद व्यवस्थाएं सुचारु बनी रहीं और भक्तों ने शांतिपूर्वक दर्शन कर पर्व का लाभ प्राप्त किया।
