बीकानेर जिले के नाल थाना क्षेत्र स्थित करमीसर गांव में बकाया बिजली बिल की वसूली और कनेक्शन विच्छेदन की कार्रवाई के दौरान बिजली कंपनी की टीम पर हमला किए जाने का मामला सामने आया है। घटना में दो कर्मचारी घायल हो गए, जिनमें से एक के पैर में फ्रैक्चर बताया जा रहा है, जबकि दूसरे कर्मचारी को कान में गंभीर चोट आई है। दोनों घायलों को उपचार के लिए पीबीएम अस्पताल रेफर किया गया है।
बकाया बिल के चलते पहुंची थी टीम
पुलिस के अनुसार सुजानदेसर निवासी धनपत गहलोत ने नाल थाने में मामला दर्ज करवाया है। धनपत गहलोत एक निजी ठेका कंपनी में सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत हैं, जो बिजली विभाग से संबंधित कार्यों का संचालन करती है।
रिपोर्ट के मुताबिक 24 जून को टीम के सदस्य भोजराज सांखला, गौतम व्यास और राजेश जोशी करमीसर क्षेत्र में बकाया बिजली बिल की वसूली और डिस्कनेक्शन अभियान के तहत पहुंचे थे।
कार्रवाई का विरोध, फिर बढ़ा विवाद
बताया गया है कि संबंधित उपभोक्ता पर वर्ष 2024 से बिजली बिल बकाया चल रहा था। नियमानुसार कार्रवाई करते हुए टीम बिजली कनेक्शन काटने की प्रक्रिया शुरू कर रही थी। इसी दौरान उपभोक्ता पक्ष की ओर से कार्रवाई का विरोध किया गया।
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शिकायत के अनुसार कर्मचारियों ने विभागीय नियमों के तहत कार्रवाई जारी रखी, जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
बोलेरो कैंपर में पहुंचे लोग, मारपीट का आरोप
रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि कुछ समय बाद बोलेरो कैंपर वाहन में सवार होकर 5 से 6 लोग मौके पर पहुंचे और बिजली कर्मचारियों के साथ विवाद शुरू कर दिया।
आरोप है कि हमलावरों ने पहले कर्मचारियों द्वारा इस्तेमाल की जा रही सीढ़ी गिरा दी और बाद में लाठियों से हमला कर दिया। इस दौरान गौतम व्यास और राजेश जोशी को गंभीर चोटें आईं।
एक कर्मचारी के पैर में फ्रैक्चर
घटना में राजेश जोशी के कान में गंभीर चोट लगी। वहीं गौतम व्यास के पैर में गंभीर चोट आने के कारण फ्रैक्चर होने की आशंका जताई गई है। इसके अलावा मारपीट के दौरान एक कर्मचारी का मोबाइल फोन भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया।
घायलों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें पीबीएम अस्पताल रेफर कर दिया गया।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
नाल थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और आरोपियों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है।
मामले की जांच की जिम्मेदारी हेड कांस्टेबल भूराराम को सौंपी गई है।
सरकारी कार्य में बाधा का गंभीर मामला
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह मामला सरकारी और सार्वजनिक सेवा से जुड़े कार्य में बाधा पहुंचाने से भी जुड़ा माना जा रहा है। पुलिस घटना से जुड़े सभी तथ्यों और आरोपों की जांच कर रही है।
निष्कर्ष
करमीसर गांव में बिजली बिल बकाया होने पर कनेक्शन काटने गई टीम पर हमला होने की घटना ने विभागीय कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। दो कर्मचारियों के घायल होने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि आरोपियों के खिलाफ आगे क्या कार्रवाई होती है।
