बीकानेर संभाग के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल पीबीएम में कथित भ्रष्टाचार और व्यवस्थागत खामियों के आरोपों की जांच अब उच्च स्तर पर की जाएगी। संभागीय आयुक्त ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक हाईलेवल प्रशासनिक कमेटी का गठन किया है। समिति को दस दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन के इस कदम को अस्पताल की कार्यप्रणाली और व्यवस्थाओं को लेकर उठ रहे सवालों के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
तीन सदस्यीय कमेटी करेगी जांच
जारी आदेश के अनुसार अतिरिक्त संभागीय आयुक्त यशपाल आहूजा को जांच समिति का संयोजक नियुक्त किया गया है।
समिति में शामिल अन्य सदस्य:
- Advertisement -
- मेडिकल कॉलेज की अतिरिक्त प्राचार्य डॉ. रेखा आचार्य
- कोषाधिकारी धीरज जोशी
यह समिति अस्पताल की प्रशासनिक व्यवस्था, कार्यप्रणाली और लगाए गए आरोपों की गहन जांच करेगी।
शिकायतों के बाद हुआ निर्णय
सूत्रों के अनुसार हाल ही में एक प्रतिनिधिमंडल ने पीबीएम अस्पताल में कथित भ्रष्टाचार, अव्यवस्थाओं और विभिन्न प्रशासनिक मुद्दों को लेकर संभागीय आयुक्त को ज्ञापन सौंपा था।
ज्ञापन में अस्पताल की कार्यशैली और व्यवस्थाओं को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए गए थे। इसके बाद मामले ने प्रशासनिक स्तर पर गंभीरता प्राप्त की।
चिकित्सा विभाग ने भी दिए थे निर्देश
मामले को लेकर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के उच्च स्तर पर भी संज्ञान लिया गया। चिकित्सा विभाग की प्रमुख शासन सचिव द्वारा प्रशासनिक जांच कराने के निर्देश जारी किए जाने के बाद जांच प्रक्रिया को गति मिली।
इसके बाद संभागीय प्रशासन ने औपचारिक रूप से जांच समिति का गठन कर दिया।
अस्पताल प्रशासन को सहयोग के निर्देश
संभागीय आयुक्त ने पीबीएम अस्पताल के अधीक्षक को निर्देश दिए हैं कि जांच समिति को सभी आवश्यक दस्तावेज, रिकॉर्ड और सूचनाएं उपलब्ध कराई जाएं।
साथ ही जांच के दौरान समिति को पूर्ण सहयोग सुनिश्चित करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं, ताकि जांच प्रक्रिया पारदर्शी और प्रभावी ढंग से पूरी हो सके।
दस दिन में सौंपनी होगी रिपोर्ट
गठित समिति को अस्पताल की विभिन्न व्यवस्थाओं और लगाए गए आरोपों की समीक्षा कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करनी होगी।
रिपोर्ट में संभावित रूप से निम्न बिंदुओं की जांच की जा सकती है:
- प्रशासनिक कार्यप्रणाली
- वित्तीय प्रक्रियाएं
- अस्पताल की व्यवस्थाएं
- मरीजों को मिलने वाली सुविधाएं
- शिकायतों में लगाए गए आरोप
समिति को दस दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट संभागीय आयुक्त को सौंपनी होगी।
रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि समिति की रिपोर्ट मिलने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही सामने आती है तो संबंधित स्तर पर आवश्यक कदम उठाए जा सकते हैं।
निष्कर्ष
पीबीएम अस्पताल में कथित भ्रष्टाचार और अव्यवस्थाओं की शिकायतों के बाद गठित हाईलेवल जांच समिति से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की उम्मीद जताई जा रही है। दस दिनों में आने वाली रिपोर्ट के बाद अस्पताल की व्यवस्थाओं और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं। स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े इस मामले पर अब मरीजों, जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की नजर बनी हुई है।
