श्रीगंगानगर/बीकानेर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भ्रष्टाचार और लापरवाही के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए एक बड़ा कदम उठाया है। श्रीगंगानगर में एक ही जमीन के दो पट्टे जारी करने और जनसुविधा के लिए आरक्षित (Reserved) भूमि पर व्यावसायिक पट्टा देने के गंभीर मामले में यूआईटी सचिव अशोक कुमार असीजा सहित पांच अधिकारियों-कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है।
शुक्रवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित ‘राज उन्नति’ की छठी बैठक के दौरान जब यह मामला सामने आया, तो सीएम ने नाराजगी जताते हुए तुरंत निलंबन के निर्देश दिए।
🚨 ये अधिकारी और कर्मचारी हुए सस्पेंड
कार्मिक विभाग के शासन उप सचिव लेखराज सैनी द्वारा जारी आदेश के अनुसार निम्नलिखित स्टाफ को निलंबित किया गया है:
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अशोक कुमार असीजा – यूआईटी सचिव
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संदीप वर्मा – एईएन (AEN)
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रतनलाल – पटवारी
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सुनील – यूडीसी (UDC)
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जितेन्द्र – एडीसी (ADC)
होगी कड़ी विभागीय कार्रवाई (16 CC)
निलंबन के साथ ही इन सभी के खिलाफ 16 सीसी (16 CC) के तहत गंभीर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। आदेश के मुताबिक, यूआईटी सचिव असीजा के खिलाफ पहले से ही कई जांचें पेंडिंग चल रही थीं। उनके खिलाफ पिछले कुछ समय में उच्चाधिकारियों और सरकार तक 10 से 15 गंभीर शिकायतें पहुंच चुकी थीं।
मुख्यालय बदला: निलंबन काल के दौरान यूआईटी सचिव अशोक कुमार असीजा का मुख्यालय शासन सचिव, कार्मिक विभाग, जयपुर रहेगा। इस बड़ी कार्रवाई से प्रदेश के प्रशासनिक महकमे और भू-माफियाओं से साठगांठ करने वाले अफसरों में हड़कंप मच गया है।
