बीकानेर। नाथद्वारा से बीकानेर आ रही एक निजी बस में महिला यात्रियों के साथ बदसलूकी और सुरक्षा से खिलवाड़ का एक गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित यात्रियों ने ‘नीलम ट्रेवल्स’ के चालक और परिचालक (कंडक्टर) पर अभद्र व्यवहार करने, धमकी देने और सीट बुकिंग में धोखाधड़ी करने के सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़ितों ने पुलिस प्रशासन से लिखित शिकायत कर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
देरी से आई बस, चलती गाड़ी में चढ़ाया
यात्रियों के अनुसार, बस का तय समय रात 8:00 बजे था, लेकिन वह देरी से पहुंची। जब बस आई, तो ड्राइवर ने उसे पूरी तरह रोका भी नहीं और चलती बस में ही यात्रियों को चढ़ने पर मजबूर कर दिया, जिससे बड़ा हादसा हो सकता था।
एक ही सीट पर दो बुकिंग और भारी बदतमीज़ी
असली विवाद बस के अंदर शुरू हुआ। आरोप है कि ट्रेवल्स कंपनी ने नीलम ट्रेवल्स के नाम पर कोई दूसरी खटारा बस भेज दी थी। हद तो तब हो गई जब एक ही सीट पर दो-दो यात्रियों को टिकट जारी कर दिए गए। जब महिला यात्रियों ने ऑनलाइन बुक की गई अपनी सीटों को लेकर आपत्ति जताई, तो स्टाफ ने उनके साथ बेहद शर्मनाक भाषा का इस्तेमाल किया।
यात्रियों का बयान: “जब हमने विरोध किया तो हमें धमकी दी गई कि ‘बैठना है तो बैठो, नहीं तो आधी रात को यहीं उतर जाओ।’ इतनी रात को लड़कियां कहाँ जातीं? रास्ते भर लोकल सवारियों को ठूंस-ठूंस कर भरा गया और हमारे साथ भेड़-बकरियों जैसा व्यवहार हुआ।”
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प्रशासन से न्याय की गुहार
सफ़र के दौरान हुए इस मानसिक उत्पीड़न और सुरक्षा में चूक के बाद परेशान यात्रियों ने पुलिस की शरण ली है। उन्होंने चालक, परिचालक और ट्रेवल्स प्रबंधन के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाने की मांग की है। यात्रियों का कहना है कि सार्वजनिक परिवहन में महिलाओं का सम्मान और सुरक्षा सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिए, और ऐसी मनमानी करने वाली ट्रेवल्स कंपनियों के लाइसेंस रद्द होने चाहिए।
