बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में प्रसव के बाद छह प्रसूताओं की किडनी फेल होने की गंभीर घटना के बाद एसपी मेडिकल कॉलेज प्रशासन सतर्क हो गया है। संक्रमण नियंत्रण को मजबूत करने के उद्देश्य से सोमवार से नर्सिंग अधिकारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है। वहीं मेडिसिन आईसीयू में भर्ती पांच प्रसूताओं में से दो की स्थिति अभी भी चिंताजनक बनी हुई है।
पीबीएम अस्पताल के अधीक्षक डॉ. बी.सी. घीया द्वारा जारी हेल्थ बुलेटिन के अनुसार प्रीति और शारदा की हालत नाजुक है और दोनों वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं। प्रीति की स्थिति में हल्का सुधार दर्ज किया गया है तथा सोमवार को उसकी ट्रेकियोस्टोमी कर श्वास नली में ट्यूब डाली गई। दूसरी ओर प्रसूता राहिला की हालत में उल्लेखनीय सुधार होने पर उसे मंगलवार को डिस्चार्ज करने की तैयारी की गई है। उसका यूरिन आउटपुट 3000 एमएल तक पहुंच गया है। फिलहाल उसे निगरानी में रखा गया है।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार इमरती और कमला की स्वास्थ्य स्थिति में भी सुधार हो रहा है, हालांकि अभी उन्हें अस्पताल से छुट्टी देने पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
घटना के बाद संक्रमण रोकथाम के उपायों को और प्रभावी बनाने के लिए माइक्रोबायोलॉजी विभाग ने नर्सिंग अधिकारियों के प्रशिक्षण का अभियान शुरू किया है। विभागाध्यक्ष डॉ. तरुणा स्वामी ने बताया कि आईसीयू, लेबर रूम और ऑपरेशन थिएटर में कार्यरत नर्सिंग स्टाफ को संक्रमण नियंत्रण, मरीजों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस कार्यक्रम के तहत हर सोमवार नियमित कक्षाएं आयोजित की जाएंगी।
