बीकानेर के श्रीडूंगरगढ़ पंचायत समिति भवन में आयोजित कैबिनेट मंत्री सुमित गोदारा की जनसुनवाई के दौरान ट्रोमा सेंटर के मुद्दे पर भाजपा विधायक ताराचंद सारस्वत और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) नेता विवेक माचरा के बीच तीखी बहस हो गई।
जनसुनवाई में विवेक माचरा ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने क्षेत्र में ट्रोमा सेंटर स्थापित करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने हालिया सड़क हादसे का जिक्र करते हुए कहा कि ट्रोमा सेंटर नहीं होने के कारण छह लोगों की जान चली गई।
इस पर विधायक ताराचंद सारस्वत ने जवाब देते हुए कहा कि ट्रोमा सेंटर का आश्वासन जुलाई 2025 में दिया गया था, ऐसे में ढाई साल बीतने की बात गलत है। इसी दौरान मौजूद एक किसान ने कहा कि कम से कम एक साल तो हो चुका है। इस पर विधायक ने पूर्ववर्ती कार्यकाल का उल्लेख करते हुए टिप्पणी की, जिसके बाद माहौल गरमा गया और विवेक माचरा सहित कई लोग नाराज हो गए।
स्थिति तनावपूर्ण होती देख पुलिस ने हस्तक्षेप कर विवेक माचरा को पीछे हटाया। बाद में मंत्री सुमित गोदारा ने मामले को शांत कराया और माचरा को दोबारा बातचीत के लिए बुलाया।
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मंत्री गोदारा ने कहा कि श्रीडूंगरगढ़ में हुआ हालिया हादसा बेहद दुखद है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि ट्रोमा सेंटर की स्थापना के लिए प्रयास जारी हैं और श्रीडूंगरगढ़ के साथ-साथ लूणकरनसर समेत अन्य क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ट्रोमा सेंटर का कार्य जल्द शुरू किया जाएगा।
